यूरिया वितरण ऐप के विरोध से पहले बीआरएस नेताओं को किया गया नजरबंद
- DSS Admin
- Jun 23, 2026
हैदराबाद, 23 जून (हि.स.)। तेलंगाना सरकार की ऐप-आधारित यूरिया वितरण प्रणाली के विरोध में प्रस्तावित किसान आंदोलन से पहले मंगलवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कई नेताओं को एहतियातन नजरबंद कर दिया गया। इनमें पूर्व मंत्री और बालकोंडा विधायक वेमुला प्रशांत रेड्डी भी शामिल हैं।
पुलिस सुबह बंजारा हिल्स स्थित प्रशांत रेड्डी के आवास पहुंची और उन्हें निजामाबाद जिले के ताडवई मंडल मुख्यालय में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाहर जाने से रोक दिया। यह आंदोलन बीआरएस के येल्लारेड्डी निर्वाचन क्षेत्र प्रभारी जाजला सुरेंद्र के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सरकार ऐप-आधारित यूरिया वितरण प्रणाली को वापस ले और किसानों को हो रही उर्वरक संकट की समस्या का समाधान करे।
इसी प्रकार कामारेड्डी जिले के बिचकुंडा क्षेत्र में पूर्व विधायक हनुमंत शिंदे को भी नजरबंद कर दिया गया, ताकि वे आंदोलन में भाग नहीं ले सकें। बीआरएस के कई अन्य नेताओं पर भी इसी तरह की प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने इसे कांग्रेस सरकार का अलोकतांत्रिक रवैया बताया। प्रशांत रेड्डी से फोन पर बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को उठाने वाले विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
रामा राव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने में विफल रही है और अपनी नाकामी छिपाने के लिए विपक्ष के खिलाफ पुलिस तंत्र का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐप-आधारित वितरण प्रणाली के कारण किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, जबकि सरकार उनकी परेशानियों के प्रति संवेदनशील नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े मुद्दों को उठाना विपक्ष का संवैधानिक दायित्व है और बीआरएस नेता तथा किसान किसी भी प्रकार की नजरबंदी या प्रशासनिक प्रतिबंधों से डरने वाले नहीं हैं।
बीआरएस विधायक दल के उपनेता टी. हरीश राव ने भी प्रशांत रेड्डी और अन्य नेताओं की नजरबंदी की कड़ी निंदा की। उन्होंने रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर किसानों को पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाया।
हरीश राव ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उर्वरक संकट का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसानों में असंतोष और बढ़ेगा।
उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल ऐप-आधारित यूरिया वितरण प्रणाली को समाप्त करे और किसानों की सुविधा के लिए उर्वरक वितरण की पूर्ववर्ती मैनुअल व्यवस्था को पुनः लागू करे। बीआरएस नेताओं का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था किसानों के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन रही है और इसकी समीक्षा आवश्यक है।----------------

