यमुनानगर: केंद्र सरकार का वित्त अधिनियम बिल पेंशनभोगियों पर बड़ा हमला: जोत सिंह

यमुनानगर, 22 अप्रैल (हि.स.)। रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के बैनर तले विभिन्न सरकारी विभागों के रिटायर्ड कर्मचारियों ने सैकड़ो की संख्या में अनाज मंडी में एकत्रित होकर वित्त अधिनियम,2025 बिल के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया व जिला मुख्यालय पर जाकर प्रधानमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को अपनी मांगों का ज्ञापन दिया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधान जोत सिंह ने की व मंच संचालन जिला सचिव सोमनाथ ने किया।

मंगलवार को इस मौके पर उपस्थित वरिष्ठ नेता जरनैल सिंह सांगवान ने बताया कि इस बिल ने राज्य और केंद्र दोनों सरकारों के लाखों सेवानिवृत्त लोगों में व्यापक चिंता, तनाव और बेचैनी पैदा कर दी है।

यह बेचैनी वित्त अधिनियम, 2025 के भाग आईवी में पेश किए गए प्रतिगामी प्रावधानों से उत्पन्न होती है। जिसका शीर्षक है भारत के समेकित कोष से पेंशन देनदारियों पर व्यय के लिए पेंशन नियमों और सिद्धांतों का सत्यापन, जो पेंशन समानता के मूल सिद्धांतों और पेंशनभोगियों को दी गई संवैधानिक सुरक्षा को खतरे में डालता है। क्योंकि राज्य सरकारों के लिए पेंशन प्रावधान अक्सर केंद्र सरकार के साथ सरेखित होते हैं। वित्त अधिनियम, 2025 एक खतरनाक मिसाल कायम करता है। जिससे हमारे राज्य में भी इसी तरह के भेदभावपूर्ण उपायों को अपनाया जा सकता है। जिससे उन सेवानिवृत्त लोगों की वित्तीय सुरक्षा खत्म हो सकती है। जिन्होंने अपना जीवन सार्वजनिक सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह कानून केवल एक केंद्रीय नीति नहीं है। यह बिल पेंशनभोगियों की समरूप प्रकृति पर एक सीधा हमला माना जा रहा है।

जो सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का खंडन करता है, जिसमें स्पष्ट रूप से पेंशन समता को बरकरार रखा गया था और घोषित किया गया था कि कृत्रिम कट ऑफ तिथि से पेंशनभोगियों को विभाजित करना संविधान के अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता का उल्लंघन करता है। अधिनियम पेंशनभोगियों को मनमाने और भेदभावपूर्ण निर्णयों के जोखिम में डालता है।

हिन्दुस्थान समाचार / अवतार सिंह चुग

   

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