अनूपपुर: 24 घंटे में अंधी हत्या का खुलासा, प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या के चार आरोपी गिरफ्तार
- DSS Admin
- Jun 03, 2026
अनूपपुर, 03 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अंधे हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया।
पुलिस ने प्रेम प्रसंग के चलते युवक की गला घोंटकर हत्या कर शव को पोखरी डैम में फेंकने वाले चार आरोपियों 20 वर्षीय किशन चौधरी पुत्र कमलेश दास चौधरी, 30 वर्षीय कृष्णाप कुमार पुत्र अनुरूद्व चौधरी, 34 वर्षीय राजकुमार रैदास पुत्र सुरेश दास एवं 22 वर्षीय चंदन प्रसाद चौधरी पिता सुगन को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बाइक, रस्सी सहित अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं।
थाना प्रभारी भालूमाड़ा उमेश उपाध्याय ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को सूचना मिली कि पोखरी डैम ओसीएम छोहरी में एक अज्ञात युवक का शव पानी में तैर रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान ग्राम छोहरी निवासी 18 वर्षीय सनि उर्फ मोटू सहीस पुत्र रंजू सहीस के रूप में की गई। शव के कमर में रस्सी से रेत भरी बोरी बंधी हुई थी। मृतक के पिता रंजू सहीस की रिपोर्ट पर थाना भालूमाड़ा में धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
हत्या जैसे गंभीर अपराध को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन में पुलिस टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस द्वारा संदेहियों से बारीकी से पूछताछ करने पर मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा निकला। जांच में सामने आया कि मृतक सनि सहीस का आरोपी की सगी भांजी के साथ पिछले 3-4 वर्षों से प्रेम संबंध था। इसकी जानकारी लड़की के परिवार वालों को होने पर उन्होंने कई बार सनि को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। इसी बात से नाराज होकर लड़की के मामा ने अपने साथी, चचेरे भाई एवं पड़ोसी के साथ मिलकर सनि की हत्या की योजना बनाई। 29 मई की रात चारों आरोपी सनि को मोटरसाइकिल से बड़ी पुलिया के पास ले गए, जहां रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से उसे ओसीएम के पोखरी डैम में फेंक दिया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मृतक का मोबाइल, दस्तावेज एवं हत्या में प्रयुक्त रस्सी जब्त कर ली है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

