डिजिटल अरेस्ट से बचाएगा सीबीआई का अभय: राजस्थान पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
- DSS Admin
- May 29, 2026
जयपुर, 29 मई (हि.स.)। प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों और डिजिटल अरेस्ट जैसे हाईटेक फ्रॉड से आमजन को सुरक्षित रखने के लिए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने विशेष एडवाइजरी जारी की है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) ने बताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नागरिकों को फर्जी नोटिस और डिजिटल अरेस्ट स्कैम से बचाने के लिए ‘अभय’ नामक एआई आधारित नोटिस सत्यापन चैटबॉट विकसित किया है।
एडीजी वीके सिंह ने बताया कि इन दिनों साइबर अपराधी अदालतों, पुलिस और जांच एजेंसियों के नाम पर फर्जी अरेस्ट वारंट और नोटिस भेजकर लोगों को डराने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे मामलों में ‘अभय’ चैटबॉट किसी भी संदिग्ध नोटिस की वास्तविकता की तुरंत जांच कर असली और नकली नोटिस के बीच अंतर स्पष्ट करता है।
उन्होंने बताया कि अभय यानी एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट है, जो 24 घंटे सक्रिय रहकर नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने में मदद करता है। यह सिस्टम डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में लोगों को घबराने से रोकने और सही कानूनी सलाह देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
साइबर शाखा के अनुसार इस चैटबॉट में कई उन्नत तकनीकी सुविधाएं दी गई हैं। इसमें रीयल-टाइम अपडेट फीचर के जरिए नए साइबर फ्रॉड के तरीकों को तुरंत पहचानने की क्षमता है। इसके अलावा नो-पैनिक गाइडेंस फीचर के माध्यम से डरे हुए पीड़ितों को शांत रखते हुए चरणबद्ध कानूनी मार्गदर्शन दिया जाता है। गंभीर मामलों में ऑटो-रूटिंग सुविधा के जरिए यूजर को सीधे भारत सरकार के आधिकारिक शिकायत पोर्टल तक पहुंचाया जाता है। एआई आधारित स्वचालित प्रणाली होने के कारण यह चौबीसों घंटे बिना रुके सहायता उपलब्ध कराता है।
एडीजी ने बताया कि चैटबॉट को विशेष रूप से ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह हिंदी, अंग्रेजी सहित स्थानीय भाषाओं को समझने में सक्षम है, जिससे कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग भी डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन और फर्जी लोन ऐप जैसे साइबर अपराधों के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही ठगी की शुरुआती स्थिति में यह पीड़ितों को बैंक खाता फ्रीज कराने और तत्काल शिकायत दर्ज कराने जैसे जरूरी कदम उठाने की सलाह भी देता है।
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