बीआरओ फंड घोटाले को लेकर सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में की छापेमारी
- DSS Admin
- Jul 06, 2026
जम्मू, 06 जुलाई (हि.स.)। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन (बीआरओ) में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने सोमवार को 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 26 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई लद्दाख में बीआरओ प्रोजेक्ट्स से जुड़े करोड़ों रुपये के फंड के गबन के मामले में की गई।
सीबीआई के अनुसार यह छापेमारी जम्मू कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में की गई। यह कार्रवाई रक्षा मंत्रालय की शिकायतों के आधार पर चार एफआईआर दर्ज होने के बाद की गई, जो बीआरओ के 'टेक्निकल बोर्ड ऑफ़ ऑफिसर्स' की आंतरिक जांच के बाद की गई थीं। यह कथित घोटाला लद्दाख में 'प्रोजेक्ट विजयक' और 'प्रोजेक्ट योजक' के तहत कैजुअल लेबरर्स (अस्थायी मज़दूरों) की फर्जी तैनाती और फर्जी मज़दूरों के नाम पर सरकारी पेमेंट जारी करने से जुड़ा है, जिसके कारण सरकारी फंड का कथित तौर पर गबन हुआ।
एफआईआर में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश और सरकारी फंड के गबन के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा, 'प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट, 1988' के तहत आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी जैसे अपराधों के आरोप भी शामिल हैं। जांच एजेंसी ने आपराधिक मामलों में 10 बीआरओ अधिकारियों (जिनमें लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर और इंजीनियर शामिल हैं) और कुछ प्राइवेट लोगों के नाम शामिल किए हैं जिससे इस कथित धोखाधड़ी में वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत का संकेत मिलता है।
बड़े पैमाने पर चलाए गए इस तलाशी अभियान के दौरान सीबीआई ने कई अहम दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत ज़ब्त किए। अधिकारियों का कहना है कि ये सबूत चल रही जांच में अहम भूमिका निभाएंगे। एजेंसी ने कहा कि जांच जारी है और उसने लद्दाख में बीआरओ प्रोजेक्ट्स में कथित वित्तीय अनियमितताओं की व्यापक और समयबद्ध जांच करने के अपने संकल्प को दोहराया।
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