अंबिकापुर : बुजुर्ग सास को पीठ पर लादकर 5 किलोमीटर पैदल बैंक पहुंचने को मजबूर बहू, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
- DSS Admin
- May 23, 2026
अंबिकापुर, 23 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट ब्लॉक से एक बेहद संवेदनशील और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ के ग्राम कुनिया (जंगलपारा) में रहने वाली एक महिला सुखमनिया बाई को अपनी 90 वर्षीय बुजुर्ग और लाचार सास की पेंशन लेने के लिए उन्हें अपनी पीठ पर लादकर मीलों पैदल चलना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और तपती धूप में पथरीले रास्तों और नदी-नालों को पार करते हुए बुजुर्ग महिला को बैंक ले जाने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सुखमनिया बाई ने बताया कि, वह पिछले कई महीनों से अपनी बुजुर्ग सास को इसी तरह पीठ पर बैठाकर करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित 'नर्मदापुर सेंट्रल बैंक' ले जाने को मजबूर है। बताया जा रहा है कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों और असहाय लोगों को उनके घर पर ही या गांव के स्तर पर पेंशन की राशि मिल जाया करती थी। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से नियमों में आए बदलावों के कारण अब बुजुर्गों को खुद बैंक शाखा में उपस्थित होना पड़ता है।
बैंक प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के नियमों के मुताबिक, पेंशन की राशि जारी करने के लिए 90 वर्षीय वृद्धा का भौतिक सत्यापन और बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) मिलान अनिवार्य कर दिया गया है। इसी तकनीकी प्रक्रिया और कागजी औपचारिकता को पूरा करने के लिए इस लाचार परिवार को हर महीने इस कठिन दौर से गुजरना पड़ रहा है।
दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों और ग्रामीणों के लिए इस तरह के कड़े नियम बड़ी मुसीबत बन गए हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं में प्रशासन के इस कड़े रुख को लेकर गहरी नाराजगी है। लोग डिजिटल इंडिया के दौर में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और बुजुर्गों के लिए नियमों में ढील देने की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर सुशासन के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर कर दिया है।
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