साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए आई4सी और आरबीआईएच के बीच एमओयू, एआई से होगी अवैध खातों की पहचान
- DSS Admin
- May 12, 2026
‘साइबर सुरक्षित भारत’ के लिए मोदी सरकार सतत प्रयासरत : अमित शाह
नई दिल्ली, 12 मई (हि.स.)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि मोदी सरकार ‘साइबर सुरक्षित भारत’ के निर्माण के लिए लगातार काम कर रही है और साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने में ‘म्यूल अकाउंट’ बड़ी बाधा हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित नई व्यवस्था साइबर धोखाधड़ी से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
गृह मंत्रालय के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) और रिजर्व बैंक इनोवेशन हब (आरबीआईएच) के बीच साइबर वित्तीय धोखाधड़ी और बैंकिंग प्रणाली में अवैध खातों (म्यूल अकाउंट) पर रोक लगाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, “मोदी सरकार साइबर सुरक्षित भारत के लिए अथक प्रयास कर रही है। म्यूल अकाउंट साइबर अपराधों पर रोक लगाने में बड़ी बाधा हैं। आज गृह मंत्रालय के आई4सी ने आरबीआईएच के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे साइबर धोखाधड़ी से लड़ने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शक्ति का उपयोग किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि आई4सी के ‘सस्पेक्ट रजिस्ट्री’ डेटा को एआई आधारित फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम से जोड़कर छिपे हुए म्यूल अकाउंट की तेजी से पहचान कर उन्हें समाप्त किया जा सकेगा। यह व्यवस्था नागरिकों के लिए साइबर अपराध के खिलाफ ‘नेक्स्ट जेनरेशन शील्ड’ का काम करेगी।
समझौते के तहत आई4सी और आरबीआईएच धोखाधड़ी जोखिम संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान, विश्लेषणात्मक सहयोग और परिचालन समन्वय के जरिए साइबर सक्षम वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए साथ काम करेंगे।
यह एमओयू आई4सी की ओर से आईजी (प्रशासन) रूपा एम और आरबीआईएच के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) साहिल किन्नी ने हस्ताक्षरित किया। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर रोहित जैन, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव आनंद स्वरूप, संयुक्त सचिव राकेश राठी और आई4सी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
अधिकारियों के अनुसार आई4सी की ‘सस्पेक्ट रजिस्ट्री’ से प्राप्त डेटा का उपयोग आरबीआईएच द्वारा एआई आधारित फ्रॉड रिस्क असेसमेंट मॉडल और ‘म्यूलहंटर डॉट एआई’ जैसे सिस्टम को और अधिक सक्षम बनाने में किया जाएगा।
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