भ्रष्टाचार के दो मामलों में विशेष न्यायालयों के समक्ष आरोपपत्र दाखिल

श्रीनगर, 30 जून (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने जांच पूरी होने और आवश्यक अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करने के बाद दो अलग-अलग भ्रष्टाचार मामलों में सक्षम विशेष न्यायालयों के समक्ष आरोपपत्र दाखिल किए।

पहले मामले में एसीबी ने बारामूला पुलिस स्टेशन एसीबी की एफआईआर संख्या 08/2017 में जम्मू और कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, संवत 2006 की धारा 5(1)(डी) और धारा 5(2) तथा आरपीसी की धारा 120-बी के तहत पांच आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र प्रस्तुत किया जिनमें तत्कालीन जिला विकास आयुक्त, बांदीपोरा भी शामिल हैं। यह मामला बांदीपोरा जिले में अस्थायी आधार पर नियुक्त एक व्यक्ति के कथित अवैध और धोखाधड़ीपूर्ण नियमितीकरण से संबंधित है।

जांच में पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी करके सरकारी सेवाओं के अनधिकृत लाभ प्राप्त किए गए, जिसके परिणामस्वरूप लाभार्थियों को अनुचित लाभ हुआ और सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। इस मामले में मुश्ताक अहमद शेख, तत्कालीन जिला विकास आयुक्त, बांदीपोरा (सेवानिवृत्त); तत्कालीन कार्यकारी अभियंता, सिंचाई प्रभाग, सुंबल (सेवानिवृत्त); मोहम्मद रमजान गनई तत्कालीन प्रधान क्लर्क (सेवानिवृत्त); तारिक अहमद खान तत्कालीन स्थापना क्लर्क (अब वरिष्ठ सहायक); और लाभार्थी आरोपी निसार अहमद इटू जो वर्तमान में कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत हैं के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है। न्यायालय ने आरोप पत्र स्वीकार करके आरोपितों को उसकी प्रतियां उपलब्ध कराईं। अगली सुनवाई की तारीख 13 अगस्त तय की।

दूसरे मामले में एसीबी ने श्रीनगर स्थित विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार विरोधी न्यायालय के समक्ष पुलिस स्टेशन एसीबी श्रीनगर की एफआईआर संख्या 20/2023 में दो पुलिसकर्मियों, सार्जेंट कांस्टेबल के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मोहम्मद अयूब डार और सार्जेंट कांस्टेबल अब्दुल हामिद तांतरी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और आईपीसी की धारा 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला सोनमर्ग पुलिस स्टेशन (टीसीपी) से लदे ट्रक को लद्दाख की ओर जाने देने के बदले 9,000 रुपये की रिश्वत मांगने का है। एक जाल बिछाकर सार्जेंट कांस्टेबल मोहम्मद अयूब डार रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। मौके से ही रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई और जांच में दोनों आरोपितों की साजिश में संलिप्तता साबित हुई। आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है और अगली सुनवाई 28 जुलाई तय की गई है।

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