“कलम है तो स्याही नहीं, स्याही है तो अख्तियार नहीं”-चाैधरी लाल सिंह का सरकार पर तंज, जीएमसी कठुआ के हड़ताली कर्मियों को समर्थन

Chaudhary Lal Singh takes a dig at the government and supports the striking GMC Kathua


कठुआ, 15 मई । जीएमसी कठुआ में सर्विस रूल लागू करने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से हड़ताल पर बैठे नॉन-गजेटेड स्वास्थ्य कर्मियों के समर्थन में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री चाैधरी लाल सिंह पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कर्मियों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला।

पत्रकारों से बातचीत मे चौधरी लाल सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों के साथ भारी बेइंसा जिसके चलते उन्हें धरने पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हड़ताल पूरी तरह से उचित है, लेकिन इसके कारण प्रदेश के लगभग 6 अस्पताल प्रभावित हो रहे हैं और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से तुरंत इस मुद्दे पर संज्ञान लेने की मांग की। पूर्व मंत्री ने कहा कि पहले 200-250 बेड वाले मेडिकल कॉलेज अब 600-700 बेड तक पहुंच चुके हैं लेकिन उसी अनुपात में स्टाफ को न प्रमोशन मिल रहा है और न ही उनके लिए सर्विस रूल बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े बोझ के बावजूद कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार गलत है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

चाैधरी लाल सिंह ने कहा कि वे स्वास्थ्य कर्मियों के साथ खड़े हैं और उनकी हर संभव मदद करेंगे। उन्होंने सरकार से अपील की कि जहां भी सर्विस रूल से जुड़ी फाइलें लंबित पड़ी हैं, उन्हें तुरंत निकालकर इस मुद्दे का समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों की मांगें जायज हैं लेकिन हड़ताल के चलते मरीजों को जो परेशानियां हो रही हैं उसे भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार को संतुलित तरीके से इस समस्या का हल निकालना चाहिए।

अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब वे स्वास्थ्य मंत्री थे तब जम्मू-कश्मीर के अस्पतालों की व्यवस्था बेहतर थी लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि न तो स्वास्थ्य कर्मी संतुष्ट हैं और न ही मरीजों को उचित इलाज मिल पा रहा है। अंत में उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि “कलम जिसके पास है उसके पास स्याही नहीं है या उसकी निब खराब है, और जिसके पास कलम भी है और स्याही भी है, उसके पास अख्तियार नहीं है।”

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