मुंबई, 25 जून (हि.स.)। ठाकरे सेना 6 सांसदों की बगावत के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की नेतृत्त वाली शिवसेना में राजनीतिक जंग शुरू हो गई है। शिंदे सेना की सांसद ज्योति वाघमारे ने ठाकरे सेना के सांसद संजय राऊत के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है और उन पर कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्योति ने आरोप लगाया है कि राऊत महिला प्रतिनिधियों के खिलाफ लगातार गंदी भाषा, गाली-गलौज और सार्वजनिक रूप से बेइज्जती वाली भाषा का इस्तेमाल करते हैं। पिछले चार वर्षों में राऊत के विवादित बयानों और व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ तुरंत आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने आयोग की अध्यक्ष को लिखा है कि महाराष्ट्र में सभ्य और विचारधारा वाली राजनीति की एक लंबी परंपरा रही है। लेकिन राऊत के बेहद घटिया बयानों से इस परंपरा को चोट पहुंच रही है। उन्होंने राजनीतिक नफरत में हद पार कर दी है। उन्होंने शिंदे पार्टी की महिला प्रतिनिधियों के खिलाफ 'प्रॉस्टिट्यूट' जैसे गंदे, आपत्तिजनक और माफ़ न करने लायक शब्दों का इस्तेमाल किया है। एक महिला कार्यकर्ता को फोन पर दी गई गंदी गालियों और धमकियों का ऑडियो क्लिप पूरे महाराष्ट्र ने सुना है।
, राऊत अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलेआम हिंसक भाषा का इस्तेमाल करके कानून-व्यवस्था को चुनौती देते रहते हैं। वे खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं। लोकतंत्र में बोलने की आजादी का मतलब गाली-गलौज का लाइसेंस नहीं है। राऊत की इस मानसिक और मौखिक हैरेसमेंट ने महाराष्ट्र की माताओं और बहनों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। उनके भड़काऊ बयानों से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और खराब हो सकती है।
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