78 दिवसीय वेद यज्ञानुष्ठान का समापन, वेद ज्ञान अपनाने का संदेश

Conclusion of the 78-day Vedic Yajna ritual; message to embrace Vedic wisdom.


Conclusion of the 78-day Vedic Yajna ritual; message to embrace Vedic wisdom.


कठुआ, 28 जून । वेद मन्दिर योल में चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान का रविवार पूर्णाहुति के साथ भव्य समापन हुआ। इस पावन अवसर पर स्वामी राम स्वरूप जी योगाचार्य ने उपस्थित जिज्ञासुओं को वेदों और ऋषि-प्रणीत ग्रंथों के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि चारों वेद, छह शास्त्र, 11 उपनिषद, वाल्मीकि रामायण, महाभारत और विशुद्ध मनुस्मृति हमारी समृद्ध संस्कृति की आधारशिला हैं। इनसे दूर होने के कारण ही भारत अपनी पूर्व की गौरवशाली पहचान विश्वगुरु और सोने की चिड़िया से वंचित हुआ है। उन्होंने इन ग्रंथों के अध्ययन और मनन को पुनः शिक्षा प्रणाली में शामिल करने पर बल दिया।

स्वामी जी ने कहा कि राष्ट्र का नेतृत्व विद्वान, धर्मनिष्ठ, संयमी और न्यायप्रिय होना चाहिए जो प्रजा के कल्याण के लिए समर्पित रहे तथा अपराधियों को दंडित करे और निर्दोषों की रक्षा करे।

समापन अवसर पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने वेद मंत्रों के साथ हवन में आहुतियाँ अर्पित कीं और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया। इस दौरान स्वामी राम स्वरूप जी की पुस्तक “ वेद कहते हैं पवित्र गाय की रक्षा करो” का विमोचन पूर्व वन मंत्री एवं जसरोटा विधायक राजीव जसरोटिया द्वारा किया गया।

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