माकपा का आरोप : सांप्रदायिक तनाव फैलाने वालों पर कार्रवाई से बच रही है बंगाल सरकार

कोलकाता, 31 मार्च (हि.स.)। माकपा ने पश्चिम बंगाल सरकार पर आरोप लगाया है कि वह राज्य में सांप्रदायिक नफरत और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वालों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। सोमवार को पार्टी के पोलितब्यूरो सदस्य और राज्य सचिव एम. सलीम ने कहा कि सरकार चुपचाप सब देख रही है लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।

एम. सलीम ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से बच रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य के अलग-अलग पुलिस थानों में विपक्ष के नेता के सांप्रदायिक भड़काऊ भाषणों के खिलाफ शिकायतें दर्ज करवाई हैं, लेकिन प्रशासन इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच एक गुप्त समझौता हो सकता है, जिसके चलते सरकार सांप्रदायिकता फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी भाजपा और वाम मोर्चे को एक साथ निशाने पर लेते हुए कहा कि दोनों ही दल राज्य में सांप्रदायिक तनाव फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने इन्हें राम-बाम करार देते हुए कहा कि राम-बाम आजकल यह सवाल उठा रहे हैं कि मैं हिंदू हूं या नहीं। मेरा जवाब है कि मैं हिंदू, मुस्लिम और सिख सबकुछ हूं और सबसे पहले मैं एक भारतीय हूं। विपक्षी पार्टियां सिर्फ लोगों को बांटने का काम कर रही हैं, जबकि मेरा जीवन देश को समर्पित है।

सलीम ने कहा कि राज्य में ईद और छह अप्रैल को होने वाली रामनवमी को लेकर सांप्रदायिक तनाव भड़काने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में हमारे पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे ताकि त्योहारों के दौरान शांति बनी रहे।

इससे पहले माकपा के वरिष्ठ नेता और वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने भी राज्य के लोगों से अपील की कि वे रामनवमी का त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाएं। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि जो भी लोग त्योहारों के नाम पर समाज में तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जो भी लोग समाज में नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उन पर सरकार को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

   

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