नई दिल्ली, 21 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने वर्ष 2017 में हुए हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपित को आठ साल बाद गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि आरोपित वारदात के दिन से ही फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और उप्र में लगातार ठिकाने बदलता रहा। आखिरकार उसे उप्र के आगरा जिले से दबोच लिया गया।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने बुधवार काे बताया कि गिरफ्तार आरोपित की पहचान मोविन खान के रूप में हुई है, जो थाना कंझावला में दर्ज हत्या के मामले में वांछित था। आरोपित को इस मामले में पहले ही भगाेड़ा घोषित किया जा चुका था।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया कि 1 जनवरी 2017 की सुबह सवदा गांव के खेतों में मलकान नामक मजदूर का शव मिला था। उसकी गला रेतकर हत्या की गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि चार दिन पहले मलकान और मोविन खान के बीच 400 रुपये और एक मोबाइल फोन को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश में मोविन खान ने बदला लेने की ठान ली। 31 दिसंबर 2016 को आरोपित चाकू लेकर खेतों में पहुंचा। उसने नशे की हालत में पड़े मलकान पर हमला कर उसकी गर्दन रेत दी और मौके से फरार हो गया।
पुलिस उपायुक्त ने आगे बताया कि स्थानीय पुलिस के अलावा मामले की जांच क्राइम ब्रांच काे साैंपी गई। पुलिस टीम लगातार फरार आरोपिताें की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में मोविन खान की गिरफ्तारी के लिए पिछले पांच महीनों में बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और उप्र में लगातार छापेमारी की गई। पहले आरोपित के स्थायी पते मध्य प्रदेश के दमोह जिले के पतेरा गांव में दबिश दी गई, लेकिन वह वहां कभी-कभार ही आता था।
लगातार खुफिया जानकारी जुटाने के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपित आगरा जिले के रिछोहा इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने वहां छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपित ने कबूल किया कि वारदात के बाद वह जानबूझकर अपने परिवार से भी दूरी बनाए रहा और लगातार जगह बदलता रहा ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके। उसने यह भी स्वीकार किया कि उसने लोगों की लापरवाही का फायदा उठाने के इरादे से नए साल की रात हत्या को अंजाम दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी



