शिमला, 20 जनवरी (हि.स.)। राजधानी शिमला के उपनगर संजौली में एक पुरानी सब्जी और फल की दुकान आग की भेंट चढ़ गई। यह दुकान पिछले करीब 18 से 20 वर्षों से एक अस्थायी टिन शेड में चल रही थी और इससे एक परिवार की रोज़ी-रोटी जुड़ी हुई थी। घटना ने न सिर्फ दुकानदार को आर्थिक रूप से झकझोर दिया है बल्कि इलाके में आगजनी की वजह को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, दुकानदार की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार संजौली निवासी पदम सिंह लंबे समय से संजौली के सेमेट्री गेट के पास सब्जी और फल की दुकान चला रहे थे। 19 जनवरी की रात करीब 3 बजकर 25 मिनट पर उन्हें एक परिचित ने फोन कर बताया कि उनकी दुकान में आग लगी हुई है। सूचना मिलते ही पदम सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
दुकानदार ने पुलिस को बताया कि जब वह अपनी दुकान पर पहुंचे तो टिन शेड पूरी तरह जल चुका था। दुकान में रखा सारा सामान, फल-सब्जियां और अन्य सामग्री आग में नष्ट हो गई थी। आग इतनी भीषण थी कि कुछ भी बचाया नहीं जा सका। इस घटना से उन्हें भारी नुकसान हुआ है।
पदम सिंह का कहना है कि आग अपने आप लगने की संभावना कम है और किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा दुकान को आग लगाए जाने से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य सबूतों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग कैसे लगी और इसके पीछे कौन जिम्मेदार हो सकता है। पुलिस का कहना है कि यह भी जांच का विषय है कि घटना दुर्घटना है या किसी ने जानबूझकर आगजनी की है।
इस मामले में थाना संजौली में भारतीय न्याय संहिता की धारा 326(ग) और 324(4) के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा



