डा. एम.एस. आहलुवालिया द्वारा रचित कहानी संग्रह नारी का दिल का विमोचन
- DSS Admin
- Jun 11, 2026
मंडी, 11 जून (हि.स.)। विख्यात दिवंगत इतिहासकार एवं शिक्षाविद् डॉ. एम. एस. अहलूवालिया द्वारा रचित कहानी संग्रह नारी का दिल का विमोचन एसपीयू इतिहास विभाग में किया गया। इस कृति का संपादन उनके शिष्य एवं इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने अपने गुरु को श्रद्धांजलि स्वरूप किया है। पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि कुलपति आचार्य ललित कुमार अवस्थी, अध्यक्ष डॉ. गंगा राम राजी, साहित्यकार मुरारी शर्मा आदि विद्वानों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर अपने वक्तव्य में डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि डॉ. एम. एस. अहलूवालिया एक प्रतिष्ठित इतिहासकार, साहित्यकार, शिक्षक एवं संवेदनशील चिंतक थे। उनके साहित्य में समाज, मानवीय मूल्यों तथा नारी जीवन की विविध अनुभूतियों का सजीव चित्रण मिलता है। उन्होंने कहा कि यह संपादित कृति उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान का एक विनम्र प्रयास है, जिससे नई पीढ़ी उनके साहित्यिक योगदान से परिचित हो सकेगी।
मुख्य अतिथि आचार्य ललित कुमार अवस्थी ने डॉ. अहलूवालिया के साहित्यिक अवदान को स्मरण करते हुए कहा कि ऐसे रचनाकार समाज की सांस्कृतिक चेतना को समृद्ध करते हैं। वहीं अध्यक्ष डॉ. गंगा राम राजी ने पुस्तक को डॉ. अहलूवालिया की रचनात्मक दृष्टि का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताते हुए इसके प्रकाशन को साहित्य जगत के लिए एक सराहनीय उपलब्धि बताया। उनहोंने कहा कि बीसवीं शताब्दी की प्रेम कहानियों का संग्रह एक शिष्य का अपने गुय के प्रति आदर व्यक्त करते हुए अनमोल उपहार है। उन्होंने कहा कि आज के युग में एक शिष्य अपने दिवंगत गुरू के प्रति मान-सम्मान रखते हुए उनकी कहानियों को कहीं इधर-उधर से एकत्रित कर उसे पुस्तकीय रूप देकर उनकी जयंती पर गुरू शिष्य परंपरा को निभाने का प्रयत्न कर रहा है।
गंगाराम राजी ने कहा कि प्रो. मनजीत सिंह आहलुवालिया द्वारा लिखित प्रेम कहानियों में कुछ उनके विद्यार्थी जीवन के समय की है तो कुछ कहानियां कुद आगे 1960 के करीब की हैं। इन कहानियों में जो प्रेम की भावना है ,वह हमें जीवन के हर पहलु की ओर प्रेरित करती है। साहित्यकार मुरारी शर्मा ने कहा कि प्रो. आहलुवालिया भारतीय इतिहास लेखन की परंपरा के प्रतिष्ठित विद्वानों में से एक थे। उनकी अंग्रेजी में लिखी पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद किया जाना चाहिए, जिससे एक बड़ा पाठकवर्ग लाभान्वित होगा।
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