नई दिल्ली, 08 जून (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर देवोस्मिता पॉल हत्याकांड की जांच में नया खुलासा हुआ। मामले में सामने आए ताजा सीसीटीवी फुटेज में पश्चिम बंगाल से आए आरोपित दंपती और उनका नाबालिग बेटा वारदात से पहले वसुंधरा एन्क्लेव स्थित अपार्टमेंट परिसर में प्रवेश करते। पीड़िता के फ्लैट की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि फुटेज से साफ है कि आरोपित अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे।
देवोस्मिता पॉल, जो शिवाजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर थीं, तीन जून को वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट की छठी मंजिल पर अपने फ्लैट में मृत मिली थीं। जांच में पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बर्दवान निवासी रामप्रसाद दास, उसकी पत्नी बनश्री दास और उनके नाबालिग बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे लंबे समय से चल रहा संपत्ति विवाद था।
सीढ़ियों से फ्लैट तक पहुंचे, चेहरे छिपाने की कोशिश
जांच में मिले नए सीसीटीवी फुटेज में रामप्रसाद दास, उसकी पत्नी और बेटा अपार्टमेंट की सीढ़ियां चढ़ते दिखाई दे रहे हैं। रामप्रसाद के हाथ में लाल रंग का बैग भी नजर आ रहा है। फुटेज में तीनों ने मास्क पहन रखे हैं, जिससे उनकी पहचान न हो सके।
एक अन्य फुटेज में तीनों लिफ्ट से बाहर निकलते दिखाई देते हैं। हालांकि इस बार केवल रामप्रसाद ने मास्क पहन रखा है, जबकि पत्नी और बेटा बिना मास्क के नजर आते हैं। पुलिस के मुताबिक, एक वीडियो में नाबालिग लड़का परिसर के भीतर चलते समय अपना मास्क उतारता हुआ भी दिखाई देता है।
कपड़े बदलकर जांच को भटकाने की कोशिश
सीसीटीवी फुटेज में यह भी सामने आया है कि आरोपित दंपती ने वारदात से पहले या बाद में कपड़े बदले थे। सीढ़ियों वाले वीडियो में रामप्रसाद सफेद शर्ट पहने दिखाई देता है, जबकि लिफ्ट से बाहर निकलते समय वह लाल शर्ट में नजर आता है। इसी तरह बनश्री दास पहले काले-सफेद रंग के सलवार-सूट में दिखाई देती है, लेकिन दूसरे फुटेज में उसने लाल रंग का सलवार-सूट पहन रखा है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने पहचान छिपाने और जांच को गुमराह करने के लिए कपड़े बदले।
1200 गज के मकान पर कब्जा करना चाहता था राम प्रसाद...
पुलिस की पूछताछ में राम प्रसाद ने बताया कि उसका सेनेटरी का काम है। यह सामान लेने के लिए अक्सर दिल्ली आता रहता है। वर्ष 2023 में एक जानकार के जरिए राम प्रसाद ने देबोस्मिता से पांच हजार रुपये महीना घर के दो कमरे किराए पर लिए थे। बड़े घर की जरूरत पड़ी तो 11 हजार में पूरा मकान ले लिया गया। अब देबोस्मिता मकान खाली करवाना चाहती थीं। राम प्रसाद को इतने कम पैसे में बड़ा मकान मिला था। इसलिए वह मकान खाली करना नहीं चाहते थे। देबोस्मिता के कानूनी कार्रवाई की धमकी देने के बाद उन्होंने हत्या की योजना बना ली। वह सामान लेने के बहाने दिल्ली आया तो उसने घर की रेकी की। बाद में वारदात को अंजाम दे दिया। हाल ही में उन्होंने परिवार को मकान खाली करने का अंतिम नोटिस दिया था। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद ही दंपती ने हत्या की साजिश रची और करीब 1400 किलोमीटर का सफर तय कर तीन जून को दिल्ली पहुंचे।
बिना विरोध फ्लैट में घुसे, साथ लाए थे हथियार
जांच में सामने आया है कि आरोपित परिवार पीड़िता के परिचित थे, इसलिए उन्हें फ्लैट में प्रवेश करने में कोई परेशानी नहीं हुई। पुलिस का दावा है कि वे हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार अपने साथ लेकर आए थे। वारदात के बाद उन्होंने पहचान छिपाने के लिए कई कदम उठाए और अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल किया।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद दोबारा बदले कपड़े
पुलिस अधिकारी के अनुसार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने पर आरोपितों ने एक बार फिर अपने कपड़े बदले। इसके बाद यह दोबारा जनरल का टिकट लेकर पूर्वा एक्सप्रेस में सवार हो गए। इस दौरान बनश्री ने घबराहट होने के कारण अपना मास्क उतार दिया था। पुलिस ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की फुटेज से उसका चेहरा पहचान लिया। 4 जून दोपहर 3 बजे दंपती व इनका बेटा बर्धमान पहुंचे। यहां से यह पैदल बाजार पहुंचे और अपनी स्कूटी को उठाया। बाद में यह अपने घर पहुंचे। पुलिस सीसीटीवी से पीछा करते हुए आरोपितों तक पहुंची और रविवार को इनको दबोच लिया। इनके पास से देबोस्मिता का मोबाइल एवं अन्य सामान बरामद हो गया। पुलिस ने आरोपितों के घर पर छापेमारी की, तो वहां से चोरी की 25 घड़ियां और भारी मात्रा में कपड़े भी बरामद हुए। इनमें कई नकली आईडी कार्ड, बंगाल पुलिस का एक बैज और रेलवे टीटी की नेमप्लेट भी शामिल हैं। आरोपित सिर्फ चोरी ही नहीं बल्कि धोखाधड़ी में भी लिप्त था।
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