डॉ. जितेंद्र सिंह ने कठुआ में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की, अस्थायी मरम्मत के लिए 10 करोड़ और 2 करोड़ प्रति क्षतिग्रस्त संरचनाओं के लिए आवंटित

Dr Jitendra Singh holds review meeting on development works in Kathua, allocates Rs 10 crore for temporary repairs and Rs 2 crore for damaged structures


कठुआ, 03 जनवरी । विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कठुआ जिला प्रशासन के साथ विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान मंत्री ने जिले में आवंटित निधियों, बाढ़ से हुए नुकसान के आकलन और चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र ने हाल ही में आई बाढ़ के दौरान सार्वजनिक संपत्ति और अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जम्मू-कश्मीर को 1,400 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कठुआ में अस्थायी मरम्मत के लिए 10 करोड़ रुपये और क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संरचनाओं के लिए कम से कम 2 करोड़ रुपये प्रति संरचना आवंटित किए गए हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने पाकिस्तान की ओर अनियंत्रित जल प्रवाह को रोकने के लिए उज्ज बहुउद्देशीय परियोजना के साथ एक नहर प्रणाली की मंजूरी की घोषणा की। मंत्री ने बताया कि कठुआ मेडिकल कॉलेज के लिए मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) सुविधा स्वीकृत की गई है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि जन प्रतिनिधियों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाना चाहिए ताकि आवंटित निधियों का उचित उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वह सक्रिय उपाय करे ताकि कोई भी प्रभावित व्यक्ति या क्षेत्र छूट न जाए। उन्होंने विद्युत, सार्वजनिक विकास विभाग और जल शक्ति सहित सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे बाढ़ से हुए नुकसान का व्यापक आकलन करें और एक सप्ताह के भीतर मिशन मोड में नए प्रस्ताव प्रस्तुत करें ताकि भारत सरकार द्वारा उन पर विचार किया जा सके। उन्होंने एनएचएआई को दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे पर शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। जुथाना पुल को शीघ्र पूरा करने के लिए चिन्हित किया गया और कनेक्टिविटी और जल प्रबंधन को बढ़ाने के लिए छत्रगला सुरंग को पूरा करने और उज्ज बहुउद्देशीय परियोजना को पुनर्जीवित करने की योजनाओं पर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान कठुआ के उपायुक्त राजेश शर्मा ने बताया कि जिले में सड़कों, बिजली आपूर्ति और सार्वजनिक ताप एवं विद्युत ऊर्जा (पीएचई) सेवाओं सहित सार्वजनिक अवसंरचना के अस्थायी जीर्णोद्धार कार्य पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि बाढ़ और भारी बारिश से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक सुविधाओं के पुनर्निर्माण के लिए स्थायी जीर्णोद्धार के तहत प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। बैठक में स्थानीय विधायक डॉ. भरत भूषण और राजीव जसरोटिया, कठुआ के डीडीसी अध्यक्ष कर्नल (सेवानिवृत्त) महान सिंह, उपाध्यक्ष रघुनांदन सिंह, कई अन्य जन प्रतिनिधिय और पुलिस अधीक्षक (संचालन) मुकुंद तिबरेवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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