ईडी ने इंदौर नगर निगम फर्जी बिल घोटाले में तीन आरोपितों को किया गिरफ्तार, 92.76 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा
- DSS Admin
- Jun 03, 2026
नई दिल्ली, 03 जून (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के फर्जी बिल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीन आरोपित अभय सिंह राठौर, मोहम्मद जाकिर और राहुल बडे़रा को गिरफ्तार किया है। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत गिरफ्तार आरोपितों को इंदौर की विशेष पीएमएलए अदालत ने पांच जून तक ईडी की हिरासत में भेजा दिया।
ईडी ने बताया कि इन आरोपितों की गिरफ्तारी सोमवार को हुई। जांच में सामने आया कि 2018 से 2023 के बीच लगभग 119.53 करोड़ रुपये के फर्जी बिल आईएमसी में जमा कराए गए, जिनके आधार पर करीब 86.54 करोड़ रुपये का धोखाधड़ीपूर्ण भुगतान निगम कोषागार से किया गया। इससे पहले भी 2018 से पूर्व लगभग 6.22 करोड़ रुपये इसी तरह की चालबाजी से निकाले गए थे। कुल मिलाकर लगभग 92.76 करोड़ रुपये की राशि को अपराध की आय के रूप में चिन्हित किया गया है।
जांच में तत्कालीन सहायक अभियंता अभय सिंह राठौर इस घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता थे। फर्जी वर्क ऑर्डर तैयार करने एवं पास कराने में भूमिका का भी पता चला। ठेकेदार मोहम्मद जाकिर और राहुल बडे़रा ने अपनी कंपनियों के माध्यम से लगभग 71.78 करोड़ रुपये प्राप्त किए। इन कंपनियों ने कोई वास्तविक काम नहीं किया और राशि को आपस में बांट लिया गया।
ई़डी ने बताया कि इससे पहले एजेंसी ने पीएमएलए की धारा 17 के तहत तलाशी में लगभग 22.04 करोड़ रुपये की नकदी और कीमती सामान जब्त किए थे। इसके अलावा 34 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को 3 जुलाई 2025 को अस्थायी रूप से अटैच किया गया था। ईडी अब शेष अपराध की आय का पता लगाने, उससे खरीदी गई संपत्तियों की पहचान करने और पूरे मनी ट्रेल को उजागर करने की जांच कर रही है।
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