आरजीएचएस को इंश्योरेंस मोड में देने के विरोध में कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

जयपुर, 12 मई (हि.स.)। राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) को इंश्योरेंस मोड पर संचालित करने के प्रस्ताव के विरोध में मंगलवार को प्रदेशभर के कर्मचारियों ने अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले जिला मुख्यालयों पर विरोध जताते हुए चिकित्सा मंत्री का पुतला दहन किया और योजना को उसके मूल स्वरूप में बनाए रखने की मांग की।

जयपुर कलेक्ट्रेट पर आयोजित मुख्य प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार के गठन के बाद से लगातार आरजीएचएस योजना से छेड़छाड़ की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के वेतन से नियमित कटौती होने के बावजूद उन्हें योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। शर्मा ने कहा कि सरकार और निजी चिकित्सा संस्थानों की मिलीभगत से योजना को इंश्योरेंस मोड पर देने का प्रयास किया जा रहा है। जो कर्मचारियों के चिकित्सा अधिकारों पर सीधा प्रहार है।

उन्होंने बताया कि सरकार के अनुसार योजना पर पहले करीब 600 करोड़ रुपये खर्च होते थे। जो अब बढ़कर 4300 करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं। शर्मा ने कहा कि सरकार से हुई वार्ता में यह तथ्य सामने आया कि इतनी बड़ी योजना के संचालन के लिए मात्र 34 कर्मचारी नियुक्त हैं। इसे सरकार की मॉनिटरिंग विफलता बताते हुए उन्होंने कहा कि इसकी सजा कर्मचारियों को नहीं भुगतनी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने चिकित्सा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष जताया। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि कर्मचारी किसी भी स्थिति में आरजीएचएस को इंश्योरेंस मोड पर लागू नहीं होने देंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार वार्ता के माध्यम से योजना में सुधार करें और इसे मूल स्वरूप में जारी रखे।

महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 15 मई से 25 मई के बीच चिकित्सा मंत्री के सभी सरकारी दौरों का काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा। साथ ही 28 मई को जयपुर में बड़ा आंदोलन आयोजित करने की घोषणा भी की गई।

महासंघ के महामंत्री महावीर सिहाग तथा राजस्थान अधीनस्थ कंप्यूटर कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कपिल चौधरी ने कहा कि यदि सरकार आरजीएचएस को इंश्योरेंस मोड पर लागू करने की दिशा में आगे बढ़ती है तो संगठन प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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