वनरक्षक भर्ती में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी पाने वाली महिला गिरफ्तार
- DSS Admin
- Jul 02, 2026
जयपुर, 02 जुलाई (हि.स.)। सरकारी भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों के जरिए नौकरी हासिल करने वालों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। एसओजी ने वनरक्षक भर्ती परीक्षा-2020 में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाली महिला वनरक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपित महिला इससे पहले रीट-2021 भर्ती परीक्षा में भी डमी अभ्यर्थी के जरिए परीक्षा दिलाने की कोशिश में पकड़ी जा चुकी थी, लेकिन उसने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे की जानकारी छिपाकर पुलिस सत्यापन कराया और वन विभाग में नौकरी जॉइन कर ली।
एसओजी के पुलिस अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित प्रमिला (29) निवासी सांचौर जिला जालोर है। वह वर्तमान में सिरोही जिले के रेवदर क्षेत्र स्थित वनपाल नाका जीरावल में वनरक्षक के पद पर कार्यरत थी।
जांच में सामने आया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित वनरक्षक भर्ती परीक्षा-2020 की लिखित परीक्षा 13 नवंबर 2022 को बीएन कॉलेज कांकरोली (राजसमंद) में हुई थी। प्रमिला का परीक्षा केंद्र यहीं था, लेकिन वह स्वयं परीक्षा देने नहीं पहुंची। उसने अपनी जगह डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाया। डमी अभ्यर्थी के माध्यम से परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उसका वनरक्षक पद पर चयन हो गया और उसने सरकारी नौकरी जॉइन कर ली।
एसओजी की जांच में यह भी सामने आया कि प्रमिला ने रीट-2021 भर्ती परीक्षा में भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की थी। उसका परीक्षा केंद्र जयपुर में था, जहां उसने प्रवेश पत्र पर डमी अभ्यर्थी की फोटो लगाकर किसी अन्य महिला को परीक्षा में बैठाने की योजना बनाई थी। हालांकि परीक्षा शुरू होने से पहले ही जयपुर के सिंधी कैंप थाना पुलिस ने मुख्य और डमी दोनों अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया था। इस संबंध में सिंधी कैंप थाने में वर्ष 2021 में प्रकरण दर्ज किया गया था।
रीट प्रकरण दर्ज होने के बावजूद प्रमिला ने वनरक्षक भर्ती के दस्तावेज सत्यापन और पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे की जानकारी छिपाई। आरोप है कि उसने सांचौर थाना पुलिस से पुलिस सत्यापन प्राप्त कर स्वयं को क्लीन दर्शाया और वन विभाग में वनरक्षक के पद पर नियुक्ति हासिल कर ली।
एसओजी ने इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर 26 नवंबर 2025 को प्रकरण दर्ज किया था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपित महिला को गिरफ्तार किया गया।
एसओजी अधिकारियों के अनुसार आरोपित से गहन पूछताछ जारी है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि वनरक्षक भर्ती परीक्षा में उसकी जगह कौन डमी अभ्यर्थी बैठा था और इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे कौन-सा सॉल्वर गैंग सक्रिय था। एसओजी का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
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