
गुवाहाटी, 30 मार्च (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने ईद-उल-फितर के पर्व पर असम के लोगों, विशेषकर इस्लाम धर्मावलंबियों को शुभकामनाएं दीं।
रविवार काे अपने संदेश में राज्यपाल आचार्य ने कहा, “ईद-उल-फितर आस्था, कृतज्ञता और आध्यात्मिक पूर्णता की गहन अभिव्यक्ति है। यह उपवास, चिंतन और भक्ति की एक महीने की अवधि के समापन का प्रतीक है, जो आत्म-अनुशासन और धर्मपरायणता के मूल्यों को सुदृढ़ करता है।” राज्यपाल ने कहा, “ईद-उल-फितर खुशी और सौहार्द का अवसर है, जो सार्वभौमिक भाईचारे, करुणा, उदारता और मानवता के प्रति प्रेम की भावना का प्रतीक है।” उन्होंने सभी से त्योहार के गुणों को आत्मसात करने और जीवन को पहले से बेहतर बनाने का आह्वान किया।
आचार्य ने आशा व्यक्त की, ईद-उल-फितर का उत्सव हमारे भाईचारे के बंधन को मजबूत करेगा और हमें सद्भाव और सद्भावना के आदर्शों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा। समाज में शांति, प्रगति और समृद्धि को मजबूत करने का उत्प्रेरक बनें।
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय