बूथ तक नहीं पहुंचे तो घर पहुंचेगी टीम: पल्स पोलियो अभियान में स्वास्थ्य विभाग की नई रणनीति
- DSS Admin
- Jun 28, 2026
कानपुर देहात, 28 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में शुरू हुए पल्स पोलियो अभियान के बीच स्वास्थ्य विभाग ने इस बार सिर्फ बूथ आधारित व्यवस्था तक खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि ऐसे बच्चों तक भी पहुंचने की तैयारी की है जो किसी कारण से पोलियो बूथ तक नहीं आ सके। विभाग का लक्ष्य जिले के करीब 2.79 लाख बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंचाना है।
इसके लिए जिले भर में 892 पल्स पोलियो केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन अभियान की खास बात यह है कि पहले चरण के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों की पहचान करेंगी जो खुराक लेने से छूट गए हों।
अकबरपुर विकासखंड के भीखनापुर गांव सहित कई क्षेत्रों में आशा और स्वास्थ्य कर्मियों ने अभिभावकों से सीधे संपर्क कर बच्चों को बूथ तक लाने का अभियान चलाया। गांवों में जागरूकता पोस्टर लगाए गए और लोगों को बताया गया कि पोलियो की दो बूंद बच्चों को आजीवन विकलांगता से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान का फोकस केवल संख्या पूरी करना नहीं, बल्कि “कोई बच्चा छूटे नहीं” मॉडल पर काम करना है। इसी कारण बाद के चरणों में घर-घर सर्वे और दवा पिलाने की व्यवस्था रखी गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर जय गोविंद ने अभिभावकों से अपील की है कि पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक जरूर पिलवाएं ताकि जिले को पोलियो मुक्त बनाए रखने का प्रयास मजबूत हो सके।

