स्वास्थ्य सेवाओं की सघन समीक्षा, जर्जर भवनों का उपयोग नहीं करने के निर्देश
- DSS Admin
- Jun 27, 2026
जयपुर, 27 जून (हि.स.)। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ के निर्देश पर 24 से 27 जून तक सभी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं का सघन निरीक्षण किया गया। मुख्यालय से नियुक्त जिला प्रभारियों के दलों ने गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग, चिकित्सा उपकरणों की स्थिति, प्रोटोकॉल की पालना, फायर एवं इलेक्ट्रिकल ऑडिट, दवाओं के भंडारण, स्वास्थ्य भवनों तथा एम्बुलेंस सेवाओं सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत जांच की।
राठौड़ ने शनिवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ) तथा जिला प्रभारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने सिरोही, उदयपुर, कोटा, जालोर सहित विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन, चिकित्सा संस्थानों की मरम्मत आवश्यकताओं तथा स्वास्थ्य सूचकांकों में कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों की चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जर्जर भवनों का उपयोग नहीं किया जाए तथा सभी सुरक्षा और संचालन संबंधी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान का प्रभारी व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण कर सुधार सुनिश्चित करे तथा सीएमएचओ अस्पतालों की सतत मॉनिटरिंग कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं। प्राथमिकता वाले मामलों को जिला कलक्टर के संज्ञान में लाने के भी निर्देश दिए गए।
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि प्रदेशवासियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य से लेकर ब्लॉक स्तर तक निरंतर निगरानी आवश्यक है। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों एवं स्टाफ की उपलब्धता, बंद पड़े उपकरणों को चालू करवाने, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विभिन्न जिलों में प्रकाशित समाचारों और उनमें उठाए गए मुद्दों की भी समीक्षा की गई। राठौड़ ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित शिकायतों और समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने समाचारों में प्रकाशित समस्याओं का तथ्यात्मक परीक्षण कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने तथा उसकी रिपोर्ट निर्धारित समय में विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव ने 10 जुलाई 2026 तक 104 जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवा के 600 वाहनों का संचालन प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस संबंध में जिलों के सीएमएचओ को टेकओवर किए जा चुके सभी 104 जननी एक्सप्रेस वाहनों की शत-प्रतिशत मैपिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने निर्देश दिए कि वर्तमान सेवा प्रदाता से हैंडओवर-टेकओवर की प्रक्रिया 29 जून तक पूरी कर ली जाए। उन्होंने नकारा 104 जननी एक्सप्रेस वाहनों के स्थान पर किराये के आधार पर वैकल्पिक वाहनों का संचालन सुनिश्चित करने तथा अनुपयोगी एवं खराब वाहनों की सूची मुख्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जन स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, आरसीएच निदेशक डॉ. मधु रतेश्वर, मुख्यालय के जिला प्रभारी, सभी जिलों के सीएमएचओ तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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