(अपडेट) हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों में अंधड़, ओले और बारिश का ऑरेंज अलर्ट, 9 जून तक मौसम रहेगा खराब

शिमला, 03 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में जून की शुरुआत फिलहाल लोगों को भीषण गर्मी से राहत देती नजर आ रही है, लेकिन इसके साथ ही मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए आंधी, ओलावृष्टि, बिजली गिरने और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 4 जून के लिए प्रदेश के पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में 4 जून को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चल सकता है। इसके साथ गरज-चमक, बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। इसी कारण इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं चंबा जिले में इसी दिन येलो अलर्ट रहेगा।

पूर्वानुमान के मुताबिक 5 जून को भी मौसम पूरी तरह शांत रहने वाला नहीं है। इस दिन चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 6 जून को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है और इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।

मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण 9 जून तक मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। इस दौरान पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन तेज हवाएं, ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

बुधवार को भी प्रदेश में मौसम मिला-जुला रहा। कई क्षेत्रों में धूप खिली रही तो कई जगह बादलों का डेरा देखने को मिला। कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई। मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने दिन के तापमान को नियंत्रित रखा और लोगों को जून की सामान्य तपिश से राहत मिली।

पिछले 24 घंटों के दौरान शिमला जिले के रोहड़ू में सबसे अधिक 30 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। सिरमौर के राजगढ़ में 20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा मनाली, मुरारी देवी और राजगढ़ में 6-6 मिलीमीटर तथा जोगिंद्रनगर में 5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। कई क्षेत्रों में बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की घटनाएं भी सामने आईं। शिमला, कांगड़ा और मुरारी देवी में बिजली कड़कने की गतिविधियां दर्ज की गईं, जबकि ताबो और सुंदरनगर में तेज हवाएं चलीं।

मौसम के बदले मिजाज का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुबह और रात के समय ठंडक बनी हुई है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं ताबो में 6.2, केलांग में 6.3 और कल्पा में 10.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ।

---------------

   

सम्बंधित खबर