इटानगर, 29 जून (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश अनुसूचित जनजाति बचाओ आंदोलन समिति के सदस्यों ने बताया कि राज्य सरकार ने हाई पावर कमेटी को अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्रों की समीक्षा और अन्य मुद्दों से जुड़ी जांच मौके पर जाकर करने की अनुमती दी है।
आज अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए आंदोलन समिति के महासचिव मिलो आंबो ने बताया कि हाई पावर कमेटी की पहली बैठक 25 जून को हुई थी। बैठक में फील्ड वेरिफिकेशन का फैसला लिया गया, जो 6 जुलाई से नामसाई जिले से शुरू होगा।
समिति मुख्य रूप से इनर लाइन परमिट, अवैध प्रवासियों, संतानों और अनुसूचित जनजाति के प्रमाण की दोबारा सत्यापन (री-वेरिफिकेशन) की जांच करेगी; इसके लिए टीम को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है।
उन्होंने सभी जिलों की जनता से अपील की कि वे फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान सहयोग करें, क्योंकि यह मुद्दा पूरे राज्य का आम मुद्दा है। उन्होंने कहा, हमें कई राजनेताओं और अधिकारियों (जिनमें उप मुख्यमंत्री चौना मिन भी शामिल हैं) के खिलाफ शिकायतें मिली हैं। हमने उनसे भी सहयोग करने और आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है।
उन्होंने उप मुख्यमंत्री चौना मेन से अपने पद से हटने और खुद पर लगे 'गैर-अरुणाचली प्रदेश अनुसूचित जनजाति न होने) के आरोपों पर सफाई देने की भी अपील की।
जांच टीम कानून के अनुसार निष्पक्ष रूप से जांच प्रक्रिया पूरी करेगी ताकि इस मुद्दे का स्थायी समाधान हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि समिति को अपनी रिपोर्ट डेढ़ महीने के भीतर सरकार को सौंपनी है।

