चुचुड़ा में मतुआ संघ के कार्यक्रम में ममाताबाला ठाकुर ने एसआईआर और भाजपा पर साधा निशाना

हुगली, 11 जनवरी (हि. स.)। मतुआ संघ के वार्षिक कार्यक्रम में शामिल होने रविवार को राज्यसभा सांसद ममाताबाला ठाकुर चुचुड़ा पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने राज्य की राजनीति से लेकर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तक कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी और भाजपा पर तीखा हमला बोला।

मीडिया से बातचीत में ममाताबाला ठाकुर ने कहा कि एसआईआर को लेकर मतुआ समुदाय में गहरी चिंता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अलग-अलग समय पर अलग-अलग बयान दे रही है, जिससे मतुआ समाज के लोगों में भ्रम और डर का माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा, “मतुआ लोग यह सोचकर डरे हुए हैं कि वे इस देश में रह पाएंगे या नहीं और उन्हें वोट देने का अधिकार मिलेगा या नहीं।”

एसआईआर को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए सांसद ने कहा कि इस प्रक्रिया से आम लोग परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि काम के अत्यधिक दबाव के कारण बीएलओ की मौतें हो रही हैं और यहां तक कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को भी एसआईआर की सुनवाई के लिए बुलाया गया है।

उनके अनुसार, बांग्लादेश से आए मतुआ समुदाय के लोग इस स्थिति से बेहद आशंकित हैं।

ममाताबाला ठाकुर ने सीएए का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि केवल सीएए के तहत आवेदन करने से किसी को स्वतः नागरिकता या मतदान का अधिकार नहीं मिल जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठे वादों के जरिए देश की जनता को गुमराह किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि आधार कार्ड को अनिवार्य किया जाए, ताकि मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकें। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि वैध मतदाताओं को अवैध बताया जा रहा है। इस सरकार को उन्होंने “अवैध” करार दिया।

एसआईआर के कारण हो रही कथित मौतों का मुद्दा उठाते हुए ममाताबाला ने सवाल किया कि इन जानों की जिम्मेदारी कौन लेगा—चुनाव आयोग या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह?

अपने बयान में ममाताबाला ठाकुर ने भाजपा नेता सुकांत मजूमदार और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक ओर सुकांत मजूमदार यह कहते हैं कि अगर एक लाख मतुआ मतदाताओं के नाम हट भी जाएं तो कोई फर्क नहीं पड़ता।

दूसरी ओर शुभेंदु अधिकारी दावा किया कि एक भी मतुआ मतदाता का नाम नहीं हटेगा। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा कब तक झूठे वादों से लोगों को भ्रमित करती रहेगी।

ममाताबाला ठाकुर ने कहा कि अभिषेक बनर्जी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरह ही उनका भी स्पष्ट रुख है कि अगर एसआईआर के तहत किसी भी वैध मतदाता का नाम हटाया गया, तो दिल्ली में संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून बदलने के लिए संगठित संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं है।

अंत में मतुआ समुदाय को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। सभी जरूरी दस्तावेज सही और तैयार रखें। अगर कागजात पूरे हैं, तो डरने की कोई वजह नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

   

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