जोधपुर, 18 मई (हि.स.)। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने सोमवार को मथुरादास माथुर अस्पताल का औचक निरीक्षण कर विभिन्न चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपचार व्यवस्था, ट्रॉमा सेवाओं, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं तथा मरीजों एवं उनके परिजनों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान राठौड़ ने ट्रॉमा सेंटर, सीटी स्कैन एवं एक्स-रे विंग, ओपीडी सेक्शन, आपातकालीन विभाग, आईसीयू-डी रेड जोन, ट्रॉमा कैजुअल्टी वार्ड तथा मल्टी लेवल आईसीयू वार्ड का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न इकाइयों में व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए उपचाराधीन मरीजों एवं उनके परिजनों से संवाद कर उन्हें उपलब्ध हो रही चिकित्सा सुविधाओं, उपचार व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान प्रमुख शासन सचिव राठौड़ ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि भीषण गर्मी को देखते हुए मरीजों एवं उनके साथ आने वाले परिजनों को अधिकतम राहत उपलब्ध करवाई जाए।
उन्होंने अस्पताल परिसर में कूलिंग सिस्टम, छायादार टेंट, पेयजल एवं बैठने की पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ओपीडी एवं पंजीयन व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए श्रीमती राठौड़ ने मरीजों के रजिस्ट्रेशन एवं पर्ची बनवाने में लगने वाले समय की जानकारी ली। उन्होंने आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त काउंटर संचालित करने तथा भीड़ प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को त्वरित सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
ट्रॉमा सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर
ट्रॉमा सेंटर निरीक्षण के दौरान प्रमुख शासन सचिव ने ट्रॉमा प्रबंधन एवं आपातकालीन सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि एमडीएम अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रॉमा केस पहुंच रहे हैं, ऐसे में ट्रॉमा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने, मैनपावर की प्रभावी तैनाती तथा लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूर्ण करने की दिशा में कार्य किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधारभूत चिकित्सा संरचना को और मजबूत किया जाए ताकि मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध हो सके। इस दौरान जिला कलक्टर आलोक रंजन, सीएमएचओ डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा, एमडीएम हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉक्टर विकास राजपुरोहित भी मौजूद रहे।
नि:शुल्क उपचार व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन पर सरकार प्रतिबद्ध
निरीक्षण के उपरांत मीडिया से संवाद करते हुए गायत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को निशुल्क दवा, निशुल्क जांच, निशुल्क इलाज एवं निशुल्क ऑपरेशन उपलब्ध करवाने के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर मरीज को सुविधा उपलब्ध नहीं होने की शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों को आवश्यकता अनुसार स्पॉट परचेज की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है ताकि आपात परिस्थितियों में संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके तथा मरीजों पर किसी प्रकार का आर्थिक भार नहीं पड़े। राठौड़ ने कहा कि एमडीएम अस्पताल सहित संभागीय अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है तथा वर्तमान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार हेतु पहुंच रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

