संस्कृति की निरंतरता के लिए युवाओं का अपनी जड़ों से जुड़ना अनिवार्य : डॉ. मयंक शेखर
- DSS Admin
- Jul 02, 2026

नई दिल्ली, 02 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (एनएमसीएम) के मिशन निदेशक डॉ. मयंक शेखर ने गुरुवार को कहा कि आज के पाश्चात्य प्रभाव के दौर में हमारी युवा पीढ़ी (जेन जी) को अपनी जड़ों, समृद्ध अतीत और सांस्कृतिक विरासत से जोड़े रखना अनिवार्य है जिससे संस्कृति की निरंतरता बनी रहे।
दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (एनएमसीएम) ने दस दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया था, जिसका विषय ‘लिविंग हेरिटेज इन मेटल, बैम्बू एंड क्ले: ट्रेडिशनल यूटेंसिल्स ऑफ नॉर्थईस्ट इंडिया’ (धातु, बांस और मिट्टी की जीवंत विरासत: पूर्वोत्तर भारत के पारंपरिक बर्तन) रहा। प्रदर्शनी के अंतिम दिन (आज) सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने इसका अवलोकन किया।

