खड़गपुर, 17 मई (हि. स.)। आईआईटी खड़गपुर के वैज्ञानिकों ने रेललाइन की खामियों का पता लगाने के लिए एक विशेष रोबोट विकसित किया है। यह रोबोट रेल पटरियों में दरार, ऊंचाई में अंतर या अन्य तकनीकी समस्या का पता लगाकर तुरंत जानकारी दे सकेगा।
यह रोबोट आईआईटी खड़गपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर दिलीप कुमार प्रतिहार और उनके शोधकर्ताओं की टीम ने तैयार किया है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन महीने के भीतर इसका काम पूरा कर पेटेंट के लिए आवेदन किया जाएगा।
प्रोफेसर प्रतिहार ने बताया कि कई बार दुर्गम इलाकों, खराब मौसम या रात के समय रेललाइन की बारीकी से जांच करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यह रोबोट आसानी से पटरियों का निरीक्षण कर सकेगा।
जीपीएस से लैस इस रोबोट को रिमोट के जरिए नियंत्रित किया जा सकेगा। यह रेललाइन पर चलते हुए कहीं भी दरार, दूरी में गड़बड़ी या जमीन से ऊंचाई में बदलाव पाए जाने पर वहीं रुक जाएगा और उसकी तस्वीर लेकर नियंत्रण कर रहे कर्मचारी को भेज देगा। कर्मचारी कंप्यूटर या लैपटॉप पर तस्वीर देखकर तुरंत उस स्थान की पहचान कर सकेंगे। इसके बाद मरम्मत के लिए कर्मचारियों को मौके पर भेजा जा सकेगा।
शोधकर्ताओं के अनुसार सामान्य तौर पर ऐसे रोबोट बनाने में 15 से 20 लाख रुपये तक खर्च आता है, लेकिन बड़े पैमाने पर उत्पादन होने पर एक रोबोट की लागत लगभग दो से तीन लाख रुपये तक हो सकती है।
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