आईआईटी खड़गपुर ने तकनीकी नवाचार के लिए रचा इतिहास, 75 करोड़ के एंडोमेंट फंड की शुरुआत

खड़गपुर ने तकनीकी नवाचार के लिए रचा इतिहास

खड़गपुर, 12 जनवरी (हि. स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर ने तकनीकी शिक्षा के लोकतांत्रीकरण, अनुसंधान और नवाचार को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए 75 करोड़ रुपये के ‘आईआईटी खड़गपुर टेक जंक्शन स्थाई निधि’ की स्थापना की घोषणा की है। इस पहल की औपचारिक शुरुआत वर्ष 2001 बैच के पूर्व छात्रों के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के साथ हुई। यह कार्यक्रम संस्थान के वैश्विक पूर्व छात्र सम्मेलन के दौरान आयोजित किया गया।

इस स्थाई निधि की आधारशिला 2001 बैच के पूर्व छात्रों द्वारा दिए गए 75 लाख रुपये के प्रारंभिक योगदान से रखी गई है। इस कोष का मुख्य उद्देश्य संस्थान की महत्वाकांक्षी पहल ‘आईआईटी खड़गपुर प्रौद्योगिकी जंक्शन’ को दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता प्रदान करना है, ताकि अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता से जुड़े कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जा सकें।

यह स्थाई निधि एक सदाबहार मॉडल पर आधारित होगी। इसके अंतर्गत मूल धनराशि का पेशेवर ढंग से निवेश किया जाएगा और उससे प्राप्त वार्षिक प्रतिफल का उपयोग प्रतिभा विकास कार्यक्रमों, राष्ट्रीय तकनीकी प्रतियोगिताओं, नवाचार कार्यशालाओं तथा नवोदित उद्यमों को अनुदान देने में किया जाएगा। वर्तमान में यह पहल श्रेष्ठ संस्थान योजना के अंतर्गत समर्थित है, जिसके तहत आगामी 12 महीनों में 26.72 करोड़ रुपये व्यय किए जाने की योजना है।

समझौता ज्ञापन पर संस्थान की ओर से पूर्व छात्र मामलों के अधिष्ठाता प्रो. सिद्धार्थ मुखर्जी और अनुसंधान एवं विकास के अधिष्ठाता प्रो. सूर्यकांत पाल ने हस्ताक्षर किए। पूर्व छात्रों की ओर से समीर कुमार, के. वी. प्रशांत सहित वर्ष 2001 बैच के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस पहल के क्रियान्वयन में प्रौद्योगिकी छात्र जिमखाना की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जो ‘क्षितिज’ और अंतर-आईआईटी तकनीकी सम्मेलन जैसे मंचों के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों को धरातल पर उतारेगा।

भविष्य का विकास पथ

संस्थान द्वारा इस स्थाई निधि के लिए एक स्पष्ट विकास रूपरेखा तैयार की गई है —

स्थापना (2024-25), शासन ढांचे का निर्माण और बीज पूंजी का संग्रह।

विस्तार (2025-27), आईआईटी खड़गपुर की प्लेटिनम जयंती (अमृत महोत्सव) के अवसर पर व्यापक धन संग्रह अभियान।

समेकन (2027-28), 75 करोड़ रुपये के लक्ष्य की प्राप्ति और वर्ष 2028 में ‘क्षितिज’ की रजत जयंती के साथ ब्याज राशि का उपयोग आरंभ।

संस्थान के अधिकारियों ने कहा कि यह पहल प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. जी. एस. सान्याल के उस दृष्टिकोण को साकार करती है, जिसके अनुसार पूर्व छात्रों की सक्रिय सहभागिता से आईआईटी खड़गपुर वैश्विक प्रौद्योगिकी नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी भूमिका और अधिक सशक्त कर सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

   

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