ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सस्ती और उपयोगी तकनीक विकसित करें : सीआर पाटिल

नई दिल्ली, 30 जून (हि.स.)। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि तकनीक तभी सफल मानी जाएगी, जब वह लोगों तक पहुंचे और समुदायों के लिए उपयोग में आसान हो। जल जीवन मिशन के अगले चरण में हर घर तक केवल पानी पहुंचाने के साथ सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता है। इसके लिए ग्रामीण परिस्थितियों के अनुकूल, सस्ती और टिकाऊ तकनीकों की आवश्यकता है।

सीआर पाटिल ने मंगलवार को यहां पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) द्वारा आयोजित ‘इनोवेशन चैलेंज ग्रैंड फिनाले’ को संबोधित करते कहा कि कई दूरदराज गांवों में पेयजल की समय पर जांच अब भी चुनौती बनी हुई है। ग्राम पंचायतों, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय युवाओं द्वारा उपयोग की जा सकने वाली कम लागत वाली जल गुणवत्ता परीक्षण तकनीकों की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पैकेज्ड उत्पादों के बढ़ते उपयोग के कारण प्लास्टिक कचरा भी बढ़ रहा है। चिप्स पैकेट, बिस्कुट रैपर और मल्टी-लेयर प्लास्टिक को दूर स्थित रीसाइक्लिंग केंद्रों तक पहुंचाना महंगा और कठिन है। इसलिए गांव और ब्लॉक स्तर पर ही प्लास्टिक कचरे के प्रसंस्करण की व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिससे ‘वेस्ट टू वेल्थ’ और सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा को बढ़ावा मिले।

कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति एवं रेल राज्य मंत्री वी सोमन्ना, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक केके मीणा, अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक कमल किशोर सोअन, संयुक्त सचिव एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की मिशन निदेशक ऐश्वर्या सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, आईआईटी मद्रास के प्रतिनिधि, स्टार्टअप और नवाचारकर्ता उपस्थित रहे।

आईआईटी मद्रास के सहयोग से आयोजित इस चुनौती का उद्देश्य जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत सुरक्षित पेयजल तथा कम लागत वाले प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के व्यावहारिक समाधान तलाशना था। प्रतियोगिता में कुल 348 आवेदन प्राप्त हुए थे।

ग्रैंड फिनाले में जल जीवन मिशन श्रेणी में चेम्बायोसेंस प्राइवेट लिमिटेड, जलज्योति प्रोसेस प्राइवेट लिमिटेड और प्लास्टिक सर्ज इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया गया। इन कंपनियों ने जल गुणवत्ता की त्वरित जांच और पोर्टेबल परीक्षण उपकरणों से जुड़े समाधान प्रस्तुत किए।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) श्रेणी में क्रॉसलिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, बिग्लाइसो प्राइवेट लिमिटेड और विग्या क्राफ्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को पुरस्कृत किया गया। इनके नवाचार छोटे स्तर पर प्लास्टिक कचरा प्रबंधन और स्थानीय स्तर पर पुनर्चक्रण से जुड़े हैं।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक केके मीणा ने कहा कि जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है, लेकिन अब तकनीक आधारित, भरोसेमंद और टिकाऊ सेवाएं सुनिश्चित करना अगला लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि चयनित तकनीकों की सुरक्षा, उपयोगिता और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवहारिकता का मूल्यांकन किया जाएगा तथा प्रदर्शन के आधार पर इन्हें चुनिंदा ग्रामीण क्षेत्रों में पायलट परियोजनाओं के रूप में लागू करने पर विचार किया जाएगा।

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