(अपडेट) जगतपुरा में जेडीए का बुलडोजर चला: 125 से अधिक अतिक्रमण और पांच धार्मिक स्थल हटाए
- DSS Admin
- Jun 08, 2026

जयपुर, 08 जून (हि.स.)। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने सोमवार को जगतपुरा के नंदपुरी अंडरपास क्षेत्र में मास्टर प्लान के तहत प्रस्तावित 80 फीट चौड़ी सड़क को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए बड़ा अभियान चलाया। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग पर की गई कार्रवाई के दौरान 125 से अधिक अवैध निर्माणों के साथ सड़क सीमा में आ रहे पांच धार्मिक ढांचों को हटाया गया। अभियान को देखते हुए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की और करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों के साथ राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (आरएसी) की 12 कंपनियां तैनात की गईं।
जेडीए विजिलेंस शाखा के उप महानिरीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि नंदपुरी अंडरपास से जगतपुरा को जोड़ने वाली यह सड़क कई स्थानों पर 25 से 30 फीट तक सिमट गई थी, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में इसकी चौड़ाई 80 फीट दर्ज है। यह मार्ग छह प्रमुख कॉलोनियों के बीच से गुजरता है और इसके चौड़ीकरण से हरे कृष्णा मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा। साथ ही 50 से अधिक कॉलोनियों के निवासियों को मालवीय नगर, प्रधान मार्ग और अपेक्स सर्किल तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई से पूर्व संबंधित धार्मिक स्थलों की प्रबंध समितियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत की गई थी तथा ढांचों को स्वेच्छा से हटाने के लिए समय भी दिया गया था। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद सोमवार सुबह कार्रवाई शुरू की गई। हटाए गए ढांचों में एक चार मंजिला नूरानी मस्जिद का हिस्सा, दो मंदिर, एक सत्संग भवन और एक मजार शामिल हैं।
कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर सील किया गया। ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी गई तथा लोगों को छतों पर एकत्र नहीं होने देने के लिए लगातार माइक से घोषणाएं की गईं। संवेदनशीलता को देखते हुए मीडिया और आमजन की आवाजाही भी सीमित रखी गई।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जयपुर उत्तर और जयपुर पूर्व के विभिन्न थाना क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट, बल्क एसएमएस, व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स सहित सोशल मीडिया सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई। वहीं कार्रवाई क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी बंद रखी गई, जिससे स्थानीय लोगों को कुछ समय के लिए असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैलने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
जेडीए ने अभियान में 22 से अधिक भारी मशीनें, पोकलेन, जेसीबी और डंपर लगाए। ड्रोन से प्राप्त लाइव फीड के जरिए वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। प्रशासन के अनुसार स्थानीय नागरिकों के सहयोग से कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
वहीं जयपुर शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति सामान्य होने के बाद प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं पुनः बहाल कर दी हैं। संभागीय आयुक्त वी. सरवण कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार पुलिस आयुक्तालय जयपुर से प्राप्त रिपोर्ट में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध बनाए रखने की आवश्यकता नहीं बताई गई, जिसके बाद पूर्व में जारी अस्थायी निलंबन आदेश में संशोधन कर सेवाएं तत्काल प्रभाव से शुरू करने के निर्देश दिए गए।
उल्लेखनीय है कि जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की प्रस्तावित अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जयपुर उत्तर और जयपुर पूर्व जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया था। इसके तहत मोबाइल इंटरनेट के साथ-साथ बल्क एसएमएस, एमएमएस, व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया सेवाओं को 8 जून की मध्यरात्रि से 9 जून की मध्यरात्रि तक बंद रखने के आदेश जारी किए गए थे।
पुलिस प्रशासन द्वारा स्थिति की लगातार समीक्षा के बाद पाया गया कि संबंधित क्षेत्रों में कानून एवं व्यवस्था पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। इसके आधार पर इंटरनेट सेवाओं को निर्धारित समय से पहले ही बहाल करने का निर्णय लिया गया।
जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने आमजन से शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें।
उल्लेखनीय है कि जेडीए ने इसी मार्ग पर 22 मई को भी अभियान चलाकर 134 अतिक्रमण हटाए थे। इसके बाद शेष अतिक्रमण हटाने के लिए समय दिया गया था। प्रशासन ने क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर रखी है, जिसके तहत 22 जून तक बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, रैली और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सार्वजनिक मार्ग को मूल स्वरूप में बहाल करने और शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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