पोटका में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप गहराया, तीन बच्चों की मौत, 16 नए संक्रमित मिले

अस्मेंपताल में भर्ती ब्रेन मलेरिया मरीज

पूर्वी सिंहभूम, 27 जून (हि.स.)। पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार तक इस बीमारी से तीन बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 नए संक्रमित मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। प्रभावित गांवों और छात्रावासों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें जांच, उपचार, दवा वितरण और जागरूकता अभियान चला रही हैं।

शनिवार को पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लगातार तीसरे दिन विशेष जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान 14 लोगों में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई। इनमें से सात मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल और सदर अस्पताल, जमशेदपुर रेफर किया गया। इसके अलावा गोमियासाई की अमीषा भूमिज (12) और सेरेंगडीह के भीम सरदार (17) भी संक्रमित पाए गए, जिनका इलाज हाता स्थित तारा सेवा सदन में चल रहा है। इस प्रकार शनिवार को कुल 16 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बीमारी का सबसे अधिक असर बच्चों और किशोरों पर देखा जा रहा है। संक्रमितों में कई स्कूली छात्र-छात्राएं और छोटे बच्चे शामिल हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की चिंता बढ़ गई है।

इसी बीच कोंडोर गांव की सुबोला सरदार की ब्रेन मलेरिया से मौत हो गई। उनकी एक वर्षीय बहन खुशबू सरदार भी इसी बीमारी से संक्रमित है और तारा सेवा सदन में भर्ती है। अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

मृतका के पिता महावीर सरदार ने बताया कि शुरुआत में बच्ची का उपचार एक झोलाछाप चिकित्सक से कराया गया था। बाद में हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि उनकी छोटी बेटी खुशबू का इलाज जारी है।

सीएचसी पोटका की प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड़ ने बताया कि अब तक ब्रेन मलेरिया से तीन बच्चों की मौत हुई है। मृतकों में कस्तूरबा विद्यालय की छात्रा लखी सरदार, दौड़डोडिया गांव के राहुल सरदार और कोंडोर गांव की सुबोला सरदार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं और मलेरिया से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक भी कर रही हैं।

शनिवार को जिला मलेरिया पदाधिकारी मृत्युंजय धावड़िया, पोटका के प्रखंड विकास पदाधिकारी अरुण कुमार मुंडा तथा अंचल अधिकारी निकिता बाला ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्वास्थ्यकर्मियों को उपचार और रोकथाम के कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिन मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, उनमें सबरनगर, सेरेंगडीह, चांदपुर, मोहनाडीह, पोड़ा तेतला, पोटका, धाड़कीदिह, पीटीडीरी, कस्तूरबा विद्यालय और गोमियासाई के बच्चे एवं अन्य लोग शामिल हैं। सभी संक्रमितों का उपचार प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है।

हाता स्थित तारा सेवा सदन के डॉ. ए.के. लाल ने बताया कि खुशबू सरदार की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। उन्होंने लोगों से मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने, घर और आसपास जलजमाव नहीं होने देने, शाम के समय दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों पर कीटनाशक का छिड़काव कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से ब्रेन मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से होने वाले जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। विभाग ने झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज कराने से बचने और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह भी दी है।------------

   

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