राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को लागू करने में रांची विवि सबसे आगे : कुलपति

रांची, 03 जून (हि.स.)। रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो (डॉ) सरोज शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम है और यह बधाई की बात है कि रांची विश्वविद्यालय इसके प्रावधानों को लागू करने में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पहले बैच के छात्रों के पास होने के बाद इसका बहुत अच्छा रिजल्ट हमें देखने को मिलेगा।

कुलपति बुधवार को एक निजी न्यूज चैनल की ओर से शिक्षा, नवाचार, कौशल विकास एवं युवाओं की भूमिका नामक विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ग्लोबल शिक्षण संस्थान होने के साथ ही जमीन से जुड़ने की एक कड़ी है।

अभी राष्ट्रीय शिक्षा नीति का दौर है और इसकी सबसे अच्छीऔ बात इसमें इंटर डिसिप्लीनरी का होना है। हमे इसके नीतियों को लागू करना है और हम नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क को लागू कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज केमिस्ट्री का एक छात्र हिन्दी भी पढ सकता है। छात्रों को किसी एक स्किल्ड् विषय को पढना है जो हमारे युवाओं को आत्मेनिर्भर बनाता है।

कुलपति ने कहा कि प्राचीन भारत में शिक्षा समाज की जिम्मेदारी होती थी। हमारी शिक्षा में कम्युनिटी पार्टिसिपेशन की आवश्यकता है। एक अनुभवी किसान कृषि कॉलेज के छात्रों का अच्छा मेंटर हो सकता है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजना विद्यांजलि इसी को बढ़ावा देती है जिसमें अपने क्षेत्र के एक्सपर्ट या रिटायर लोग भी आकर युनिवर्सिटी में छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान दे सकते हैं। इससे इंडस्ट्री, कम्युनिटी और अकादमिक क्षेत्र के बीच की दूरी भी खत्म होगी। हम और हमारी युनिवर्सिटी इसे धरातल पर उतारने का सबसे अच्छी भूमिका में है।

कार्यक्रम में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, कृषि मंत्री झारखंड शिल्पी नेहा तिर्की, सरला बिरला युनिवर्सिटी के कुलपति सी जगन्नाथन सहित अन्य शामिल हुये।

---------------

   

सम्बंधित खबर