सरला बिड़ला विश्वविद्यालय में योग और विश्व संगीत दिवस मनाया गया
- DSS Admin
- Jun 22, 2026
रांची, 22 जून (हि.स.)। सरला बिरला विश्वविद्यालय (एसबीयू) के योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञान विभाग द्वारा भारतीय ज्ञान प्रणाली, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), उन्नत भारत अभियान तथा ललित कला विभाग के सहयोग से सोमवार को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सह विश्व संगीत दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग रही। कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली में योग स्वस्थ और संतुलित जीवन का प्रभावी उपाय है। साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
कार्यक्रम के तहत कॉमन योग प्रोटोकॉल पर आधारित विशेष योग सत्र आयोजित किया गया, जिसका संचालन योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. विश्वजीत वर्मा ने किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं विश्राम क्रियाओं का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों ने योग के वैज्ञानिक पहलुओं और उसके स्वास्थ्य संबंधी लाभों की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन, तनाव प्रबंधन तथा वृद्धावस्था में योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि नियमित योग अभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देता है।
इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक अंजना कुमारी सिंह ने सामान्य रोगों के उपचार और स्वास्थ्य संवर्धन में मर्म चिकित्सा की उपयोगिता पर व्याख्यान दिया। उन्होंने मर्म चिकित्सा को भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इसके विभिन्न लाभों की जानकारी दी।
विश्व संगीत दिवस के उपलक्ष्य में संगीत विभाग की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। विद्यार्थियों और कलाकारों ने संकीर्तन तथा हनुमान चालीसा की प्रस्तुति देकर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का सृजन किया। प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने सराहा।
कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. एस.बी. डांडिन, डीन प्रो. नीलिमा पाठक, विभिन्न विभागों के शिक्षक, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
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