8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष जेकेएनओपीआरयूएफ ने उठाईं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- Neha Gupta
- Jun 02, 2026

जम्मू, 02 जून । नेशनल ओल्ड पेंशन रिस्टोरेशन यूनाइटेड फ्रंट (एनओपीआरयूएफ) जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधिमंडल ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के साथ आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूटी अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा ने किया, जबकि महासचिव सकून मनीर और एनओपीआरयूएफ कश्मीर के प्रांतीय अध्यक्ष बिन्नी टंडन भी बैठक में शामिल रहे। बैठक के दौरान संगठन ने एक विस्तृत ज्ञापन आयोग को सौंपते हुए कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं को रखा। प्रतिनिधिमंडल ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 3.2 निर्धारित करने, न्यूनतम मूल वेतन 57,600 रुपये करने तथा वार्षिक वेतन वृद्धि को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने की मांग उठाई।
इसके अलावा वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप महंगाई भत्ते (डीए) में संशोधन, एक्स श्रेणी के शहरों में मकान किराया भत्ता (एचआरए) 42 प्रतिशत तक बढ़ाने और उच्च स्तर के कर्मचारियों के लिए परिवहन भत्ते में वृद्धि की भी मांग की गई। संगठन ने पुरुष कर्मचारियों को दो वर्ष का चाइल्ड केयर लीव, पितृत्व अवकाश को 30 दिन करने तथा शिक्षकों के लिए प्रतिवर्ष 12 दिन अर्जित अवकाश और 120 दिनों के अवकाश नकदीकरण की व्यवस्था लागू करने का भी प्रस्ताव रखा। ज्ञापन में जम्मू-कश्मीर में कार्यरत मास्टर्स को वेतन स्तर-07 प्रदान कर लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी शामिल थी। आयोग ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि प्रत्येक मांग पर विस्तृत विचार कर कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बैठक के बाद एनओपीआरयूएफ नेतृत्व ने आशा व्यक्त की कि आयोग की सकारात्मक प्रतिक्रिया से कर्मचारियों और शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता तथा मनोबल को मजबूती मिलेगी।

