उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सत्रावसान किया

श्रीनगर, 5 अक्टूबर, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा का सत्रावसान (Prorogue) कर दिया है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा सचिवालय की ओर से सोमवार को जारी आधिकारिक बुलेटिन के साथ ही विधानसभा का मौजूदा सत्र औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। 

विधानसभा सचिवालय के बुलेटिन के मुताबिक, उपराज्यपाल का आदेश 1 अक्टूबर 2026 का है, जिसे सामान्य जानकारी के लिए जारी किया गया। आदेश के प्रभावी होने के बाद विधानसभा अब सत्र में नहीं है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के आधिकारिक NeVA पोर्टल पर भी छठे सत्र की स्थिति “House Not In Session” दिखाई गई है। 

इससे पहले विधानसभा की कार्यवाही पूरी होने के बाद सदन को 30 सितंबर को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (Sine Die) कर दिया गया था। विधानसभा के आधिकारिक पोर्टल के नोटिस बोर्ड पर 30 सितंबर का “Bulletin (Sine Die)” भी दर्ज है। इसके बाद उपराज्यपाल के सत्रावसान आदेश के साथ सत्र की संवैधानिक प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी हो गई। 

सत्रावसान और सदन भंग होने में अंतर है। सत्रावसान का अर्थ केवल मौजूदा विधानसभा सत्र को औपचारिक रूप से समाप्त करना है। इससे विधानसभा भंग नहीं होती और विधायकों का कार्यकाल समाप्त नहीं होता। नया सत्र बुलाए जाने पर विधानसभा फिर से बैठक कर सकती है।

जम्मू-कश्मीर की मौजूदा विधानसभा केंद्र शासित प्रदेश के गठन के बाद गठित पहली विधानसभा है। आधिकारिक विधानसभा पोर्टल के अनुसार अब्दुल रहीम राथर विधानसभा अध्यक्ष, जबकि उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री हैं।

   

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