हमारी एकजुटता ही समाज के समक्ष उत्पन्न सभी संकटों का समाधान : स्वामी नरेंद्रानंद

विहिप के शिविर में हुई मार्गदर्शक मंडल की बैठक का छाया चित्र

प्रयागराज, 20 जनवरी (हि.स.)। हिंदू समाज में सामाजिक समरसता का विषय हम संतों को ले जाना है, हमारी एक जुटता ही समाज के समक्ष उत्पन्न सभी संकटों का समाधान और करारा जवाब होगा। यह बात मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद माघ मेला शिविर में मार्गदर्शक मंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुमेर पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी नरेंद्रानंद महाराज ने कही।

उन्होंने आगे यह भी कहा कि हिंदू समाज धीरे-धीरे जागृत हो रहा है और अपनी संस्कारों सामाजिक समरसता और अपने कुटुंब जैसे विषयों पर चिंतन कर अपने पूर्व की संस्कृति और संस्कारों से उसे जोड़ रहा है । कभी नए वर्ष पर जो भीड़ पश्चिम की सभ्यता का उत्सव मनाने दिखती थी, आज उसका उदाहरण मंदिरों में लगने वाली भीड़ है, हिंदू समाज में ही शिक्षा चिकित्सा के साथ संस्कार की चर्चा होती है अन्य धर्म में केवल धर्मांतरण की बात होती है, लाभ और लालच देकर मतांतरण की बात होती है । हम सभी संतों की जिम्मेदारी है कि हिंदू समाज की एकता के लिए प्रयास करें आश्रम व्यवस्था, मंदिरों की व्यवस्था के बाद जो समय निकलेगा वह हम सब हिंदू समाज की एक जुटता और अखंडता के लिए कार्य करने में समय लगाएंगे।

अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती ने अपने संबोधन में कहा कि धर्मांतरण, राष्ट्र विरोधी षड्यंत्र, पूर्व न्यायाधीशों द्वारा आतंकियों के पक्ष में बयान बाजी राष्ट्रहित में नहीं है। बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या का विरोध होना चाहिए, हिंदुओं के मंदिर सरकार ना चलाए, मंदिर धर्माचार्य और समाज के नियंत्रण में हो। उन्होंने देश की सीमाओं की सुरक्षा का भी विषय रखते हुए कहा कि हम सब की जिम्मेदारी है कि धर्म के साथ राष्ट्र की अखंडता और राष्ट्र की परंपराओं वहां की संस्कृति और समाज की रक्षा करने का दायित्व भी हम सबका है। उन्होंने कल होने वाले संत सम्मेलन में धर्मांतरण, राष्ट्र विरोधी षड्यंत्र एवं बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या का विरोध, हिंदू मंदिरों के अधिग्रहण जैसे विषय को समाज समाज में ले जाने पर पूज्य संत अपना संबोधन करेंगे। माघ मेला में विहिप के शिविर में हुई मार्गदर्शक मंडल की बैठक शुरू होने से पूर्व भगवान राम के दरबार के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत पूज्य संतों के माल्यार्पण के बाद विश्व हिंदू परिषद के अखिल भारतीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने विषय रखते हुए हिंदू समाज के संस्कारों, लव जिहाद,धर्मांतरण, कुटुंब प्रबोधन सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर मार्गदर्शन के लिए पूज्य संतों को आमंत्रित किया।

कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने किया एवं पूज्य संतों का स्वागत विश्व हिंदू परिषद काशी प्रान्त अध्यक्ष कविंद्र प्रताप सिंह, प्रांत मंत्री डॉ राज नारायण, सुरेश अग्रवाल, रविंद्र मोहन गोयल ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से दुर्गा दास , बड़ा उदासीन अखाड़ा देवेंद्र सिंह ,शास्त्री निर्मल अखाड़ा नया उदासीन से जगतारण, घनश्याम आचार्य , लक्ष्मी नारायण जी कुल शेखराचार्य ,राम प्रपन्नाचार्य फलहारी बाबा राम रतन दास महाराज,स्वामी ब्रह्मानंद , रमन पुरी,लाल बाबा महाराज,गोपाल दास महाराज केंद्रीय सह मंत्री हरिशंकर , क्षेत्रीय संत संपर्क प्रमुख जितेंद्र ,काशी प्रांत संत संपर्क प्रमुख आद्या शंकर उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

   

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