किसानों की आय, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी मजबूती: मोदी
- DSS Admin
- May 13, 2026
नई दिल्ली, 13 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ऊर्जा सुरक्षा को नई ताकत देने के लिए लगातार बड़े फैसले ले रही है। प्रधानमंत्री ने कैबिनेट द्वारा लिए गए चार प्रमुख निर्णयों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये फैसले देश में विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को कुल 3,18,165 करोड़ रुपये के चार बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। इनमें खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि, नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उन्नयन, कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को बढ़ावा और अहमदाबाद (सरखेज)-धोलेरा सेमी हाईस्पीड डबल रेल लाइन परियोजना शामिल हैं।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि देशभर के किसान भाई-बहनों के हितों की रक्षा और उनकी आय में वृद्धि के लिए हम निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने वर्ष 2026-27 के मार्केटिंग सीजन के लिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से देश के करोड़ों अन्नदाताओं को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य मिलेगा तथा उनके जीवन में खुशहाली आएगी।
प्रधानमंत्री ने नागपुर एयरपोर्ट से जुड़े फैसले को शहर के बुनियादी ढांचे के लिए बड़ा प्रोत्साहन बताते हुए कहा कि इससे नागपुर एक प्रमुख एविएशन और कार्गो हब के रूप में तेजी से उभरेगा। उन्होंने कहा कि इससे संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
मोदी ने अहमदाबाद (सरखेज)-धोलेरा सेमी हाईस्पीड डबल लाइन परियोजना को भारत के रेल आधुनिकीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीक पर आधारित यह देश की पहली सेमी हाईस्पीड रेल परियोजना होगी, जिससे गुजरात में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रा समय कम होगा और धोलेरा को भविष्य उन्मुख औद्योगिक केंद्र के रूप में मजबूती मिलेगी। इस परियोजना की लागत करीब 20,665 करोड़ रुपये आंकी गई है।
प्रधानमंत्री ने सतही कोयला एवं लिग्नाइट गैसीफिकेशन परियोजनाओं को बढ़ावा देने संबंधी 37,500 करोड़ रुपये की योजना को ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे निवेश बढ़ेगा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और प्रौद्योगिकी तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
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