मकर संक्रांति पर मेला रामनगरिया में संतों ने निकाली शोभायात्रा

फर्रुखाबाद, 14 जनवरी (हि.स.)। गंगा के पांचाल घाट पर चल रहे मेला रामनगरिया में मकर संक्रांति के पर्व पर बड़ी संख्या में कल्पवासियों व गंगा भक्तों ने भागीरथी में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। मेला में वैष्णव संप्रदाय की ओर से साधु संताें की एक शोभायात्रा निकाली गई, जिसका कई जगह फूल बरसाकर स्वागत किया गया।

मेला रामनगरिया परिसर में महात्मा ईश्वर दास की मौजूदगी में शाेभा यात्रा में बड़ी संख्या में संत महात्माओं ने भाग लिया। शाेभायात्रामें संतों ने तरह तरह के करतब दिखाए। अपर जिलाधिकारी विनोद कुमार ने माला पहनकर संत महात्माओं का स्वागत किया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी ने कहा कि संत के दर्शन से ही सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। मेला रामनगरिया में सभी सेक्टर में घूमने के बाद शोभायात्रा वैष्णव संप्रदाय के अखाड़े में पहुंची। जहां हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर महात्मा रामदास ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व एक महान पर्व है और आज जो मकर संक्रांति का पर्व पड़ रहा है, वह महत्वपूर्ण है ।तिलश्ष्टि एकादशी के साथ इस पर्व के पढ़ने से इसका महत्व बहुत बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि आज के दिन हर साधक को तिल पानी में डालकर स्नान करना चाहिए और तिल का दान करके पुण्य कमाना चाहिए। महात्मा मोहनदास ने कहा कि आज के दिन चावल आदि का दान नहीं करना चाहिए। चावल का दान एकादशी लग जाने की वजह से कल किया जाना चाहिए। इस मौके पर महात्मा ईश्वर दास, रामदास, सतीश दास सहित हजारों की संख्या में संत महात्मा मौजूद रहे। शोभा यात्रा के समय मेला में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शोभा यात्रा के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar

   

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