ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता: विक्रमादित्य सिंह
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- Jan 03, 2026
शिमला, 03 जनवरी (हि.स.)। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों की सभी पंचायतों को सड़क सुविधा से जोड़ना और उन्हें अधिक से अधिक बजट उपलब्ध करवाकर सशक्त बनाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। वह शनिवार को शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बढ़ई में 1.14 करोड़ रुपये की लागत से नव निर्मित पंचायत सामुदायिक भवन बढ़ई के लोकार्पण के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे।
विक्रमादित्य सिंह ने पंचायत क्षेत्र के सभी ग्रामवासियों को नए पंचायत भवन की बधाई दी और कहा कि प्रदेश सरकार शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण पंचायतों का भी समान विकास सुनिश्चित कर रही है।
उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विकास में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान बढ़ई पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 17 लाख रुपये विधायक निधि से और 72 लाख रुपये अन्य मदों से स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बढ़ई नाम से नया जिला परिषद वार्ड बनाया गया है, जिसमें आसपास की पंचायतों के साथ-साथ शोधी क्षेत्र की अधिकांश पंचायतों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विकास योजनाओं के लिए राशि जनगणना के आधार पर तय होती है और फिलहाल 2011 की जनगणना के अनुसार ही धनराशि मिल रही है। 2021 की जनगणना अभी तक नहीं हो पाई है, इसलिए प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से जल्द जनगणना शुरू करने का आग्रह किया है, ताकि विकास योजनाओं के लिए मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी हो सके।
मंत्री ने कहा कि सरकार दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पूरे प्रदेश में विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। करीब 90 हजार से अधिक आबादी वाले शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की सभी पंचायतों को भी विकास के लिए समान रूप से धन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संकट मोचन से बढ़ई और आंजी चिड़ियाघर तक सड़क को पक्का करने के लिए 37 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस कार्य की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और काम भी आवंटित कर दिया गया है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बरसात या पानी रुकने से खराब होने वाली सड़कों के लिए शिमला शहर के आसपास नई सीजीएमजी तकनीक अपनाई जा रही है। इस तकनीक की शुरुआत बढ़ई से चिड़ियाघर तक बनने वाली सड़क से की जा रही है और यहां पहली बार इस तकनीक का इस्तेमाल होगा।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को याद करते हुए कहा कि उनका सपना था कि शिमला शहर और संकट मोचन में वाहन पार्किंग की व्यवस्था हो। उनके प्रयासों से संकट मोचन में पार्किंग बनाई गई। इसके अलावा विकास नगर, ऑकलैंड, लिफ्ट, संजौली, टूटीकंडी और टुटू में भी पार्किंग की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुविधा मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा



