नक्सली हमले में घायल पूर्व-सरपंच महेश गोटा ने दम तोड़ा, ढाई वर्ष तक चला इलाज
- DSS Admin
- Jun 15, 2026
बीजापुर, 15 जून (हि.स.)।बीजापुर जिले के फरसेगढ़ गांव के रहने वाले पूर्व सरपंच महेश कुमार गोटा नक्सली हमले में गंभीर रूप से घायल हाे गये थे। पूर्व सरपंच का पिछले ढाई वर्ष से अधिक समय से इलाज चल रहा था, 15 जून 2026 को उनकी माैत हाे गई।
विदित हाे कि अगस्त 2023 में नक्सलियों ने महेश गोटा का अपहरण कर लिया था। बाद में उन्हें कूटरू-फरसेगढ़ सड़क पर गंभीर हालत में पाया गया। नक्सलियों की बर्बर मारपीट और हमले के कारण वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद से वे कोमा में थे। उनका इलाज रायपुर और दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में कराया गया, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। वे लगभग 2 वर्ष 9 माह तक जीवन-मृत्यु से संघर्ष करते रहे।
महेश गोटा गांव के पूर्व सरपंच होने के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। परिजनों ने बताया कि लंबे समय तक चले इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। ग्रामीणों ने दिवंगत महेश गोटा को श्रद्धांजलि अर्पित की है। बतादें कि महेश गोटा के पिता चिन्नाराम गोटा की भी दिसंबर 2012 में नक्सलियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। फरसेगढ़ से कुछ दूर नक्सलियों से संघर्ष के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

