यौन अपराधों पर एनसीडब्ल्यू सख्त, पोक्सो मामले में पैरोल न देने की सिफारिश
- DSS Admin
- May 08, 2026
नई दिल्ली, 08 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों में दोषी ठहराए गए अपराधियों को पैरोल दिए जाने पर गहरी चिंता जताई है। आयोग
की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि जल्द ही केंद्र सरकार को सिफारिश भेज कर रेप, गैंगरेप, गंभीर यौन उत्पीड़न और पोक्सो जैसे मामलों में दोषियों को पैरोल न देने की मांगी जाएगी।
अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि नसरापुर-भोर की घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे मामलों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
आयोग ने न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केन्द्र सरकार को कई अहम सुझाव दिए हैं जिसमें महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना, जांच और ट्रायल में कानूनी विशेषज्ञों की मदद से बेहतर समन्वय, सबूतों की जांच, गवाहों के बयान और जांच प्रक्रिया को तय समय में पूरा करने के लिए अलग तंत्र, रेप और पोक्सो मामलों के आदतन अपराधियों पर कड़ी निगरानी
शामिल है।
आयोग ने यह भी कहा कि पोक्सो और अन्य यौन अपराधों में बार-बार शामिल होने वाले आरोपितों पर पुलिस की लगातार निगरानी होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर अच्छे व्यवहार के लिए बांड भरवाने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
आयोग ने जांच, सबूतों की जांच और गवाहों के बयान की प्रक्रिया को समयबद्ध और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया है।
आयोग ने कहा कि प्रस्तावित बदलावों का मकसद महिलाओं और बच्चों के लिए ज्यादा सुरक्षित माहौल बनाना और पीड़ितों को तेजी से न्याय दिलाना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

