अन्नपूर्णा योजना की राशि नहीं मिलने पर महिलाओं का प्रदर्शन, नगर निगम कर्मचारी के घर के बाहर किया विरोध

नदिया, 05 जुलाई (हि. स.)। जिले के शांतिपुर में अन्नपूर्णा योजना की राशि नहीं मिलने को लेकर लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले शांतिपुर नगरपालिका के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के खिलाफ प्रदर्शन के बाद रविवार सुबह बड़ी संख्या में महिलाओं ने नगरपालिका के एक कर्मचारी के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।घटना रविवार सुबह शांतिपुर नगरपालिका के वार्ड संख्या 13 में हुई।

महिलाओं का आरोप है कि वास्तविक लाभार्थियों को योजना से वंचित कर चुनिंदा लोगों के खातों में राशि भेजी जा रही है।

प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे अन्नपूर्णा योजना की योग्य लाभार्थी हैं, लेकिन अब तक उनके खाते में कोई राशि नहीं आई है। दूसरी ओर, उनके अनुसार ऐसे कई लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है, जिन्हें वे वास्तविक पात्र नहीं मानती हैं।

इसी शिकायत को लेकर वार्ड संख्या 13 के इंक्वायरी अधिकारी एवं नगरपालिका कर्मचारी अनुप बनर्जी के घर के सामने बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्र हुईं और नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। उनका कहना है कि जांच और सत्यापन के नाम पर पक्षपात किया गया है।

महिलाओं ने कहा कि जिन लोगों को वास्तव में सरकारी सहायता की आवश्यकता है, वे ही योजना के लाभ से वंचित हैं, जबकि अन्य लोगों के खातों में पहले ही पैसे पहुंच चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि इसी मांग को लेकर कुछ दिन पहले भी शांतिपुर नगरपालिका में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ था। उस समय महिलाओं ने चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का घेराव कर अपनी नाराजगी जताई थी। प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर इस बार वार्ड के इंक्वायरी अधिकारी को विरोध का सामना करना पड़ा।

हालांकि, नगरपालिका कर्मचारी अनुप बनर्जी ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि लाभार्थियों का अंतिम चयन या राशि स्वीकृत करने का अधिकार उनके पास नहीं है।

उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने ऑनलाइन और कुछ ने ऑफलाइन आवेदन किया था। सत्यापन के बाद कई आवेदन स्वीकार किए गए, जबकि कुछ आवेदन अस्वीकार भी हुए। उन्होंने कहा कि आवेदन क्यों अस्वीकार हुए या सभी लोगों को एक साथ राशि क्यों नहीं मिल रही है, इसका निर्णय वह नहीं लेते। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को मंगलवार को नगरपालिका कार्यालय जाकर वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने की सलाह दी, ताकि उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी जा सके।

इस घटना के बाद अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों के चयन और सत्यापन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

वहीं, प्रदर्शनकारियों ने भी आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

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