भारत दौरे से लौटे रवि लामिछाने बोले- कूटनीतिक मुद्दों का समाधान शोर मचाकर नहीं, चरणबद्ध तरीके से होना चाहिए

काठमांडू, 05 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने कहा है कि जिन मुद्दों का समाधान कूटनीतिक माध्यमों से किया जाना चाहिए, उन्हें सार्वजनिक प्रचार-प्रसार या अनावश्यक शोर-शराबे के बजाय सावधानीपूर्वक और चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

भारत की पांच दिवसीय यात्रा पूरी कर शुक्रवार को नेपाल लौटने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए लामिछाने ने कहा कि कूटनीतिक मामलों को “ढोल पीटकर” नहीं निपटाया जा सकता।

त्रिभुवन अन्तरराष्ट्रीय विमानस्थल (टीआईए) पर नेपाल-भारत सीमा विवाद से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि वह संवाद को सुगम बनाने और कूटनीतिक माध्यमों से समाधान खोजने के लिए प्रयासरत रहेंगे।

उन्होंने कहा, “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी मुद्दे को कूटनीति के माध्यम से और कूटनीतिक चैनलों को सक्रिय करके हल किया जाए। ऐसे विषय न तो ढोल पीटकर और न ही ऊंची आवाज़ में सार्वजनिक बयानबाजी करके सुलझाए जा सकते हैं। जहां भी देशहित में कार्रवाई की आवश्यकता हो, उसे शांतिपूर्वक और चरणबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए।”

लामिछाने ने कूटनीति को एक संवेदनशील और जिम्मेदारीपूर्ण विषय बताते हुए कहा कि यदि देश की सबसे भरोसेमंद राजनीतिक शक्ति ही कूटनीति की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को नहीं समझेगी, तो वह कूटनीतिक मामलों में प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकेगी।

उन्होंने कहा कि लोकप्रियता हासिल करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है, लेकिन समस्याओं का समाधान एक व्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है। “कूटनीति की भी अपनी अलग-अलग अवस्थाएं और चरण होते हैं। नेपाल ने परंपरागत रूप से ऐसे मामलों को उचित कूटनीतिक प्रक्रिया के जरिए संभाला है और आज भी वही तरीका अपनाया जा रहा है,” उन्होंने कहा।

लामिछाने शुक्रवार को भारत की पांच दिवसीय यात्रा पूरी कर नेपाल लौटे। वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नितिन नवीन के निमंत्रण पर भारत गए थे।

अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा नेता नितिन नवीन तथा अन्य वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की। भारत प्रवास के दौरान उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों के विशेष दूत सर्जियो गोर से भी हुई।

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