सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ जेनएक्सआई एनालिटिक्स का आईपीओ, 12 जून को हो सकती है लिस्टिंग

नई दिल्ली, 05 जून (हि.स.)। एआई सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी जेनएक्सआई एनालिटिक्स का 54.84 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में नौ जून तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 10 जून को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 11 जून को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 12 जून को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। आज दोपहर 12 बजे तक इस आईपीओ को 13 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 110 रुपये से लेकर 116 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,78,400 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 47.28 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 2.40 लाख शेयर मार्केट मेकर के लिए रिजर्व रखे गए हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 52.95 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 37.06 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 9.99 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए च्वायस कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं च्वायस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

जेनएक्सआई एनालिटिक्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 84 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.65 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 6.55 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 13.31 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 16.61 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 24.21 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 28.88 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 64.47 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 82 लाख रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 4.11 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 7.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 16.07 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.77 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.43 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 11.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 30.74 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.58 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.23 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 11.30 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 19.19 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.42 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.13 करोड़ रुपये और 2024-25 में 10.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 18.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

-------------

   

सम्बंधित खबर