‘ओम शांति अलाप संगीत अकादमी’ ने ‘सिंग एंड विन’ कार्यक्रम का किया आयोजन

नई दिल्ली, 18 मई (हि.स.)। ‘ओम शांति अलाप संगीत अकादमी’ ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया। तीन घंटे से अधिक चले इसे कार्यक्रम में यमुना पार के पचास से अधिक नन्हे-मुन्नों और युवक-युवतियों ने ईस्ट एंड क्लब में रविवार देर शाम तक मुंबइया फ़िल्मों और गीतों पर आधारित ‘सिंग एंड विन’ प्रतिस्पर्धा में भाग लिया।

इसमें छह वर्षीय हसन अली ख़ान और उसकी बड़ी बहन आयशा ने अपने हाव-भाव और मधुर स्वर में ‘ना तो कारवां की तलाश है, ना तो हम सफ़र’ विशेष प्रदर्शन में ट्राफी हासिल की। इनके अलावा छह बाल कलाकारों और युवक-युवतियों ने दो वर्गों में पुरस्कार जीते।

बाल कलाकारों में नन्हीं बालिकाओं ने बाजी मारी। जूनियर वर्ग में पहले तीन में मिशिता सूद, मानवी दत्त और सिमोना सिंह विजयी रहे तो सीनियर वर्ग में प्रतीक सराफ, तानिश शर्मा और रीवा एवं स्वाति पहले तीन विजेता रहे।

क्लब अध्यक्ष ललित मोहन बंसल की और से कार्यक्रम की संचालक नीलम शर्मा को सर्वश्रेष्ठ अवार्ड दिया गया। नगर निगम में स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्य शर्मा और ‘संस्कार भारती’ के क्षेत्रीय प्रचारक विजय ने पुरस्कार वितरित किए।

‘ओम शांति अलाप संगीत अकादमी’ की ओर से आयोजित इस तीन घंटों से अधिक चले कार्यक्रम में किराना घराने के गजल उस्ताद फरीद अहमद खान ने गुलाम अली की मशहूर गजल ‘हम तेरे शहर में आए हैं’ । उस्ताद अकरम खान और विजय ने कहा कि संगीत में दैनिक रियाज और साधना जरूरी है। एयरफोर्स बाल भारती स्कूल की टीचर मानसी हांडा ने कम्पेयरिंग की। अकादमी की निदेशक नीलम शर्मा ने कहा कि अगले महीनों में कत्थक नृत्य और सगीत वाद्य पर प्रतिस्पर्धा होगी।

इस अवसर पर नामी जज थे शास्त्रीय संगीत उस्ताद अमजद अली ख़ान, अजराड़ा घराने के तबलावादक उस्ताद अकरम खान और कश्मीरी संतूर के पंडित दिशारी चक्रबर्ती। पत्रकारों में दिलबर गोठी और कमलजीत सिंह, क्लब पदाधिकारियों में कपिल त्यागी, मनीष ओझा, प्रवीण वाधवा, जी के बंसल, सूचित सिंगल सहित क्षेत्र के गणमान अतिथि उपस्थित रहे।

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