तेल कंपनियां घटाएं पेट्रोल-डीजल के दाम, ट्रांसपोर्टरों की मांग
- DSS Admin
- Jul 01, 2026
मुंबई, 01 जुलाई (हि.स.)। नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमतों में ₹5 रुपये और डीजल की दरों में ₹3 रुपये प्रति लीटर की कमी की घोषणा की है. इस फैसले का ट्रांसपोर्टरों ने स्वागत किया है. साथ ही मांग की गई है कि केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां और अन्य निजी कंपनियां भी ईंधन की कीमतों में कमी करके जनता को राहत दें.
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के सलाहकार बल मलकीत सिंह ने केंद्र सरकार, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और अन्य निजी कंपनियों, विशेषकर रिलायंस से भी तत्काल इसी प्रकार की राहत देने का आव्ह्न किया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें अब 70 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ चुकी हैं। ऐसे में देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलनी चाहिए। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, तब देश में ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि की गई। अब जब कच्चे तेल की कीमतें फिर से युद्ध-पूर्व स्तर पर आ गई हैं, तो उसका लाभ भी बिना किसी विलंब के परिवहन उद्योग और देश के करोड़ों उपभोक्ताओं तक पहुंचना चाहिए। नायरा एनर्जी ने सकारात्मक पहल की है। अब सरकार और अन्य तेल कंपनियों को भी इसका अनुसरण करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सड़क परिवहन उद्योग पिछले कई वर्षों से लगातार बढ़ती परिचालन लागत के कारण गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। डीज़ल एक वाणिज्यिक वाहन की कुल परिचालन लागत का लगभग 55 से 60 प्रतिशत हिस्सा होता है। ईंधन कीमतों में लगातार वृद्धि ने परिवहन उद्योग पर गहरा प्रभाव डाला है। उन्होंने बताया कि डीज़ल मूल्य वृद्धि का प्रभाव केवल ईंधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके कारण टायर, स्पेयर पार्ट्स, लुब्रिकेंट्स, एडब्ल्यू, बीमा, टोल, परमिट, चेसिस, चालक वेतन, दैनिक भत्ता, वित्तीय लागत, ईएमआई, अनुपालन व्यय तथा अन्य सभी परिचालन लागतों में भी भारी वृद्धि हुई है। यदि ईंधन कीमतों में कमी की जाती है, तो उसका लाभ केवल परिवहन उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, महंगाई पर नियंत्रण मिलेगा। उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और देश के प्रत्येक नागरिक को राहत मिलेगी।
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