वेदों के ज्ञान से ही सृष्टि और परमात्मा की सही समझ संभव-स्वामी राम स्वरूप जी
- DSS Admin
- May 27, 2026

कठुआ, 27 मई । वेद मन्दिर योल में चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 46वें दिन स्वामी राम स्वरूप जी ने जिज्ञासुओं को यजुर्वेद अध्याय 31 का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि इस अध्याय में ईश्वर द्वारा सृष्टि रचना का संक्षिप्त ज्ञान दिया गया है।
स्वामी जी ने कहा कि वेदों के अनुसार सृष्टि की उत्पत्ति, परमात्मा की शक्ति और प्रकृति के रहस्यों को समझा जा सकता है। उन्होंने व्यास मुनि के योग शास्त्र के एक सूत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि जो व्यक्ति वेदों से सृष्टि रचना का ज्ञान नहीं रखता, उसे सच्चे साधु की संज्ञा नहीं दी जा सकती। उन्होंने आगे कहा कि यदि मनुष्य चारों वेदों का अध्ययन करे तो उसके मन में उठने वाले अनेक संशय समाप्त हो सकते हैं। यजुर्वेद के अनुसार परमेश्वर से ही अन्न, धन, घी, दूध, गौ एवं अन्य प्राणी उत्पन्न हुए हैं। मंत्र 31/7 का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि परमेश्वर ने ही मनुष्यों के कल्याण हेतु ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद की उत्पत्ति की है। उन्होंने कहा कि वेदों के माध्यम से ही हमें परमात्मा की उपासना का सही मार्ग मिलता है। स्वामी जी ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि आज का मनुष्य भौतिक आवश्यकताओं जैसे भोजन, वस्त्र और मकानकृपर तो ध्यान देता है, लेकिन वेदों और परमात्मा के ज्ञान को जानने का प्रयास नहीं करता। उन्होंने कहा कि वेदों में वर्णित परमेश्वर को न जानना और मनमानी पूजा करना ही मानव दुःखों का मुख्य कारण है। उन्होंने सभी से वेदों के अध्ययन और ईश्वर की सच्ची उपासना की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।
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