दूषित पानी से मवेशी की मौत पर भड़का गुस्सा, प्रदूषण विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

Outrage over cattle deaths caused by contaminated water; massive protest against the Pollution Department.


कठुआ, 29 जून । कठुआ के चक शेखां-गोविंदसर क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले कथित जहरीले पानी के कारण एक मवेशी की मौत हो जाने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर प्रदूषण विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी खुले में बहाया जा रहा है जिससे न केवल फसलें खराब हो रही हैं बल्कि मवेशियों की लगातार मौतें भी हो रही हैं। बावजूद इसके संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने कठुआ के मौजूदा विधायक पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों ने भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।

उन्होंने कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मरोली क्षेत्र के पास स्थित कई औद्योगिक इकाइयों के पास ईटीपी ( अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र) नहीं हैं जिसके चलते वे बिना शोधन के गंदा पानी सीधे खुले में छोड़ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि प्रदूषण विभाग इन इकाइयों का तुरंत निरीक्षण कर उनके ईटीपी प्लांट की जांच करे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

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